रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना संक्रमण के बीच अब रानीखेत तहसील के गांवों में पानी का संकट गहराने लगा है, यह हालात तब हैं जब बरसात शुरू हो गई है। समस्या के चलते परेशान ग्रामीणों में आक्रोश है। डीडा क्षेत्र के लोगों ने हैंडपंप में सौर ऊर्जा पावर पंप लगाने की मांग उठाई है। रानीखेत तहसील के अंतर्गत ताड़ीखेत ब्लॉक के गांवों में पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है, पेयजल विभाग के अधिकारी कहते हैं कि नदी में बाढ़ के चलते सिल्ट भर जा रही है। धुराफट क्षेत्र की समस्या को लेकर ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत तक अनशन करने की चेतावनी दे चुके हैं। ग्रामीण दूरदराज के स्रोतों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। तहसील के अंतर्गत डीडा क्षेत्र के गांवों में भी पानी का बेहद संकट है। कि ग्रामीण हैंडपंप के पानी से गुजर चलाते हैं। धनखोली सहित आसपास के जनप्रतिनिधियों ने भी पेयजल समस्या बताई। उनका कहना है कि जीवों के लोग हैंडपम्प पर निर्भर हैं, लेकिन पानी भरने में आशिक समय लग जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि हैंडपम्प में सौर ऊर्जा पावर पंप लग जाये तो काफी हद तक समस्या का निराकरण हो जाएगा। इस सम्बंध में ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य अंजू राणा से मुलाकात की। कहा कि पॉवर पम्प लगाने में ढाई लाख रुपये का खर्च आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य ने सार्थक करवाई का आश्वासन दिया है। मुलाकात करनस वालों में प्रधान तुलसी देवी, कैलाश चन्द्र, ललित देवी, दिनेश तिवारी, राजू, घनश्याम, विक्रम राणा, बलवंत बजेठा, अजय आदि थे।