घोषित नगर पालिका में शौचालय नहीं
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तेजी से शहर के रूप में विकसित हो रहे मजखाली और चिलियानौला कस्बों में शौचालय तक नहीं है। जबकि सरकारें शौचालय बनाने और स्वच्छता अभियानों पर जोर दे रही हैं। इसके बावजूद पर्यटन नगरी के समीपवर्ती इलाके इन दोनों योजनाओं से महरूम हैं। ताड़ीखेत में उपमंडल क्षेत्र का सबसे बड़ा ब्लॉक मुख्यालय है, इसके अलावा यह कस्बा बद्रीनाथ मोटर मार्ग पर स्थित है। सफाई के अभाव में यहां पुराना शौचालय वर्षों से कूड़े से पटा पड़ा है। उधर मजखाली क्षेत्रवासियों ने शौचालय की मांग को लेकर विस चुनाव के बहिष्कार की चेेतावनी तक दी है।
मालूम हो कि रानीखेत छावनी परिषद के अधीन है। कैंट के जटिल अधिनियमों के चलते नौकरीपेशा और सेवानिवृत्त लोग ताड़ीखेत, मजखाली और चिलियानौला कस्बों का रुख कर रहे हैं, जिस कारण तीनों कस्बों की आबादी निरंतर बढ़ रही है। तीनों कस्बे वर्तमान में ग्राम सभा के अंतर्गत आते हैं, आबादी बढ़ने के कारण बाजार भी बढ़ रहा है, लेकिन बाजारों में सार्वजनिक शौचालय तक नहीं बनाए गए हैं, जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतें होती हैं। ताड़ीखेत ब्लॉक मुख्यालय के बाजार में पुराना शौचालय इन दिनों कूड़े से पटा पड़ा है। सफाई की व्यवस्था नहीं है। हालांकि कस्बे में दो नए शौचालय बनाए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों ने इन शौचालयों की सफाई की नियमित व्यवस्था कराने की मांग की है। चिलियानौला कस्बे के लिए नगरपालिका की घोषणा हो चुकी है, लेकिन यहां भी शौचालय नहीं है। लोगों को शौच के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। मजखाली कस्बे की आबादी में भी निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। यहां बने पुराने शौचालय अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए। सामाजिक कार्यकर्ता एनएस अधिकारी ने बताया कि कई क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर इस बार चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी गई है, इसी में शौचालय की मांग भी रखी गई है। शौच की सुविधा नहीं होने के कारण यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है। विकासखंड अधिकारियों का कहना है कि ग्रामसभा में स्वच्छता समिति के तहत आने वाली धनराशि भी बंद हो चुकी है। इसलिए सफाई की पर्याप्त व्यवस्थाएं फिलहाल नहीं हैं।