{"_id":"572f7ab64f1c1b01045cda5a","slug":"debris-in-panphaus","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोसी नदी में आई बाढ़ आफत लेकर आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोसी नदी में आई बाढ़ आफत लेकर आई
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 08 May 2016 11:13 PM IST
विज्ञापन
मलबे से पटा पंपहाउस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। कोसी नदी में आयी बाढ़ के बाद अल्मोड़ा नगर और आसपास के क्षेत्रों में दो दिन से पानी की आपूर्ति ठप है। लोगों को खाना बनाने के लिए पानी जुटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि जल संस्थान सड़क मार्ग के इलाकों में टैंकरों के जरिए पानी उपलब्ध करा रहा है। टैंकर से पानी लेने को भी लोगों की भीड़ लग रही है। सड़क से दूर मोहल्लों के निवासी नौले, धारों पर ही निर्भर हैं। इन जल स्रोतों में भी पानी भरने के लिए लोगों की लंबी लाइन लग रही है।
दो दिन से पानी की सप्लाई ठप होने से नगर के पोखरखाली, ढूंगाधारा, एनटीडी, चीनाखान, मकेड़ी, धारानौला, लाला बाजार, राजपुरा, मल्ली बाजार, नरसिंहबाड़ी, विवेकानंदपुरी, पल्टन बाजार, जोशीखोला, खोल्टा, जाखनदेवी, पांडेखोला समेत सभी क्षेत्रों में पेयजल की भयंकर किल्लत है।
मोहल्लों में स्थित नौले, धारों में पानी लेने को लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। एक बर्तन पानी लेने को लोगों को काफी देर तक लाइन में लगना पड़ रहा है। सड़क से लगे क्षेत्रों में जल संस्थान टैंकरों के जरिए पानी बांट रहा है। इससे इन क्षेत्र के निवासियों को कुछ राहत मिल रही है, लेकिन जिन मोहल्लों में प्राकृतिक जल स्रोत नहीं हैं वहां पेयजल का गंभीर संकट हो गया है। खाना बनाने तक का पानी जुटाने के लिए ही लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो दिन से पानी की सप्लाई ठप होने से नगर के पोखरखाली, ढूंगाधारा, एनटीडी, चीनाखान, मकेड़ी, धारानौला, लाला बाजार, राजपुरा, मल्ली बाजार, नरसिंहबाड़ी, विवेकानंदपुरी, पल्टन बाजार, जोशीखोला, खोल्टा, जाखनदेवी, पांडेखोला समेत सभी क्षेत्रों में पेयजल की भयंकर किल्लत है।
विज्ञापन
मोहल्लों में स्थित नौले, धारों में पानी लेने को लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। एक बर्तन पानी लेने को लोगों को काफी देर तक लाइन में लगना पड़ रहा है। सड़क से लगे क्षेत्रों में जल संस्थान टैंकरों के जरिए पानी बांट रहा है। इससे इन क्षेत्र के निवासियों को कुछ राहत मिल रही है, लेकिन जिन मोहल्लों में प्राकृतिक जल स्रोत नहीं हैं वहां पेयजल का गंभीर संकट हो गया है। खाना बनाने तक का पानी जुटाने के लिए ही लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
विज्ञापन