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दुग्ध संघों को घाटे से उबारने के प्रयास में जुटा है विभाग: निदेशक
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Wed, 21 Feb 2018 11:14 PM IST
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दूध
- फोटो : getty images
डेरी विकास विभाग के निदेशक संजय कुमार ने कहा है कि दुग्ध संघों को लाभ में लाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध समितियों से जुड़े उत्पादकों को दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत चार रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है।
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इसके अलावा गंगा गाय योजना में भी सरकार अच्छी नस्ल की गायें खरीदने के लिए 27 हजार रुपये अनुदान के रूप में दे रही है। काश्तकारों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।
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अमर उजाला से बातचीत में निदेशक संजय कुमार ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र में स्थित कुछ दुग्ध संघ घाटे में चल रहे हैं। इनमें गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों के दुग्ध संघों की स्थिति बेहतर नहीं है। घाटे वाले दुग्ध संघों की दशा सुधारने के लिए विभाग की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
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गढ़वाल मंडल के चार जिलों में कर्मचारियों के लिए बीआरएस योजना भी शुरू की गई है। दूसरी तरफ राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दूध व्यवसाय को रोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाएं चलाई गई हैं।
दुग्ध समितियों में दूध की बिक्री करने वाले उत्पादकों को सरकार की ओर से दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत चार रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा अच्छी नस्ल की गायें खरीदने के लिए गंगा गाय योजना चल रही है।
इस योजना के तहत काश्तकारों को 52 हजार रुपये कीमत की गाय खरीदने के लिए 27 हजार रुपये अनुदान के तौर पर दिए जाते हैं। यह योजना भी समिति से जुड़े उत्पादकों के लिए है। इसके अलावा पशुओं के लिए चारा आदि उपलब्ध कराने के लिए भी अलग से योजनाएं चलाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि महिला डेरी परियोजना से जुड़े कर्मियों की समस्याओं के बारे में भी विचार किया जाएगा।