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Almora News: मोटे अनाज की खेती बदल सकती है किसानों की तकदीर
Thu, 21 Mar 2024 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 21 Mar 2024 11:15 PM IST
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विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण में मौजूद किसान। स्वयं
I30 किसानों को मोटे अनाज की खेती का प्रशिक्षणI
अल्मोड़ा।
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान हवालबाग में बदायूं, उत्तर प्रदेश से पहुंचे 30 किसानों को मोटे अनाज की खेती का प्रशिक्षण दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने कहा कि मडुआ, सोयाबीन, रामदाना, झिंगोरा सहित अन्य मोटे अनाज की मांग वर्तमान में काफी है। वैज्ञानिक तरीके से इनकी खेती का बेहतर उत्पादन किया जा सकता है जो किसानों की तकदीर बदल सकता है। कहा कि मोटे अनाज में मौजूद भरपूर पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए लाभकारक हैं। किसानों को इनकी खेती की तरफ कदम बढ़ाना होगा। डॉ. एन के हेड़ाऊ, डॉ. बीएम पांडे, डॉ. डीसी जोशी, डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के वैज्ञानिक तरीके बताए। संवाद
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अल्मोड़ा।
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान हवालबाग में बदायूं, उत्तर प्रदेश से पहुंचे 30 किसानों को मोटे अनाज की खेती का प्रशिक्षण दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने कहा कि मडुआ, सोयाबीन, रामदाना, झिंगोरा सहित अन्य मोटे अनाज की मांग वर्तमान में काफी है। वैज्ञानिक तरीके से इनकी खेती का बेहतर उत्पादन किया जा सकता है जो किसानों की तकदीर बदल सकता है। कहा कि मोटे अनाज में मौजूद भरपूर पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए लाभकारक हैं। किसानों को इनकी खेती की तरफ कदम बढ़ाना होगा। डॉ. एन के हेड़ाऊ, डॉ. बीएम पांडे, डॉ. डीसी जोशी, डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के वैज्ञानिक तरीके बताए। संवाद