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अष्टमी-नवमी पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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अल्मोड़ा। शनिवार को शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी दोनों एक साथ मनाई गई। अष्टमी-नवमी पर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दुर्गा पंडालों में हवन यज्ञ हुआ। लोगों ने घरों में कन्या पूजन कर नवरात्रि व्रत का उद्यापन किया।
नगर के नंदादेवी मंदिर, त्रिपुरासुंदरी, शीतलादेवी, उल्कादेवी, बानड़ीदेवी मंदिरों समेत कई अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा कर मां से सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
नगर के चौघानापाटा, नंदादेवी, गंगोला मोहल्ला, राजपुरा, लक्ष्मेश्वर, दूंगाधारा समेत अन्य दुर्गा पंडालों में दुर्गा मां की पूजा हुई। दुर्गा पंडालों में हवन यज्ञ किया गया। घर-घर में लोगों ने कन्या पूजन कर नवरात्रि व्रत का उद्यापन किया।
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उधर महानवमी के दिन हवन के बाद कन्या पूजन किया जाता है। जिसमें दो से 10 वर्ष तक आयु की कन्याओं का पूजन किया जाता है। अष्टमी-नवमी पर कन्याओं को अपने घरों में पहले जिमाने के लिए लोगों में होड़ मची रही।
कोरोना महामारी के चलते लोगों को कन्या पूजन के लिए आसानी से कन्याएं नहीं मिलीं। जागरूक अभिभावकों ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कन्याओं को पूजन के लिए दूसरे घरों में नहीं भेजा।
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नगर के नंदादेवी मंदिर, त्रिपुरासुंदरी, शीतलादेवी, उल्कादेवी, बानड़ीदेवी मंदिरों समेत कई अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा कर मां से सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
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नगर के चौघानापाटा, नंदादेवी, गंगोला मोहल्ला, राजपुरा, लक्ष्मेश्वर, दूंगाधारा समेत अन्य दुर्गा पंडालों में दुर्गा मां की पूजा हुई। दुर्गा पंडालों में हवन यज्ञ किया गया। घर-घर में लोगों ने कन्या पूजन कर नवरात्रि व्रत का उद्यापन किया।
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उधर महानवमी के दिन हवन के बाद कन्या पूजन किया जाता है। जिसमें दो से 10 वर्ष तक आयु की कन्याओं का पूजन किया जाता है। अष्टमी-नवमी पर कन्याओं को अपने घरों में पहले जिमाने के लिए लोगों में होड़ मची रही।
कोरोना महामारी के चलते लोगों को कन्या पूजन के लिए आसानी से कन्याएं नहीं मिलीं। जागरूक अभिभावकों ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कन्याओं को पूजन के लिए दूसरे घरों में नहीं भेजा।