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Almora News: गंभीर मरीजों का दर्द बढ़ा रहा मेडिकल कॉलेज का एसी
Sun, 30 Jul 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 30 Jul 2023 11:24 PM IST
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अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज। संवाद
- फोटो : अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज। संवाद
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अल्मोड़ा। करोड़ों की लागत से बना मेडिकल कॉलेज यहां पहुंचने वाले मरीजों को राहत कम दर्द अधिक दे रहा है। मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त सर्जन हैं। लेकिन ऑपरेशन थियेटर का एसी खराब होने से मरीज ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। दो साल बाद भी ओटी का संचालन नहीं हुआ है और उपकरण धूल फांक रहे हैं। ऐसे में मरीजों को ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर रेफर कर औपचारिकता निभाई जा रही है।
अल्मोड़ा में 327 करोड़ से मेडिकल कॉलेज अस्तित्व में लाया गया है जिसका दो साल पूर्व संचालन हुआ। तब अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़ और बागेश्वर के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए गए। लेकिन यह दावे अब तक बेअसर हैं। हैरानी की बात यह है कि संचालन के दो साल बाद भी यहां पर्याप्त सर्जन होने के बावजूद गंभीर ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। छोटी सर्जरी कर औपचारिकता निभाते हुए बेहतर उपचार के दावे किए जा रहे हैं।
अब तक यहां ओटी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। ओटी कक्ष में लगी एससी मशीन में आई खराबी को लंबे समय बाद भी दूर नहीं किया जा सका, जिससे यहां ऑपरेशन ठप हैं। ऐसे में यहां ऑपरेशन के लिए पहुंचने वाले मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है और वे बेहतर उपचार की उम्मीद में मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। वहीं लाखों से खरीदी गई मशीनरी और उपकरण धूल फांक रहे हैं।
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केवल गर्भवतियों के हो रहे हैं सिजेरियन ऑपरेशन
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के नाम पर वर्तमान में केवल गायिनी विभाग में गर्भवतियों के सिजेरियन ऑपरेशन हो रहे हैं, जिससे उनमें राहत है। हर रोज यहां अल्मोड़ा के साथ ही बागेश्वर, पिथौरागढ़ से आठ से अधिक मरीज ऐसे पहुंचते हैं जिन्हें ऑपरेशन की जरूरत होती है। लेकिन ओटी का संचालन न होने से उन्हें हायर सेंटर रेफर करना मजबूरी बन गया है।
कोट-
एसी में खराबी आने से ओटी संचालित नहीं हो सकी है। खराबी को दूर किया जा रहा है। जल्द ही यहां गंभीर ऑपरेशन हो सकेंगे। - प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा।
रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन ठप, मरीज परेशान
रानीखेत (अल्मोड़ा)। उप जिला चिकित्सालय में व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है, जिसकी मार मरीजों को सहनी पड़ रही है। यहां 10 दिन बाद भी ऑपरेशन शुरू नहीं हो सके हैं, जिससे मरीज बेहाल हैं और उन्हें हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
दरअसल 10 दिन पूर्व उप जिला चिकित्सालय के ओटी और दवा स्टोर में बारिश का पानी घुस गया था। निर्माण कार्य के चलते दीवारों और छत से ओटी में पानी रिसने लगा। ऐसे में मरीजों में इंफेक्शन के डर से अस्पताल प्रबंधन ने ओटी का संचालन बंद कर दिया और ऑपरेशन ठप हो गए। लंबे समय बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर सकी है। यहां 50 से अधिक ऑपरेशन लटके हैं। ओटी के दरवाजे बंद हैं और मरीज जल्द दर्द से राहत पाने की उम्मीद में हायर सेंटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। संवाद
कोट
पानी का रिसाव बंद होने पर ओटी का संचालन संभव है। संबंधित ठेकेदार को जल्द व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए हैं। - संदीप दीक्षित, चिकित्साधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।
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अल्मोड़ा में 327 करोड़ से मेडिकल कॉलेज अस्तित्व में लाया गया है जिसका दो साल पूर्व संचालन हुआ। तब अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़ और बागेश्वर के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए गए। लेकिन यह दावे अब तक बेअसर हैं। हैरानी की बात यह है कि संचालन के दो साल बाद भी यहां पर्याप्त सर्जन होने के बावजूद गंभीर ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। छोटी सर्जरी कर औपचारिकता निभाते हुए बेहतर उपचार के दावे किए जा रहे हैं।
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अब तक यहां ओटी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। ओटी कक्ष में लगी एससी मशीन में आई खराबी को लंबे समय बाद भी दूर नहीं किया जा सका, जिससे यहां ऑपरेशन ठप हैं। ऐसे में यहां ऑपरेशन के लिए पहुंचने वाले मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है और वे बेहतर उपचार की उम्मीद में मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। वहीं लाखों से खरीदी गई मशीनरी और उपकरण धूल फांक रहे हैं।
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केवल गर्भवतियों के हो रहे हैं सिजेरियन ऑपरेशन
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के नाम पर वर्तमान में केवल गायिनी विभाग में गर्भवतियों के सिजेरियन ऑपरेशन हो रहे हैं, जिससे उनमें राहत है। हर रोज यहां अल्मोड़ा के साथ ही बागेश्वर, पिथौरागढ़ से आठ से अधिक मरीज ऐसे पहुंचते हैं जिन्हें ऑपरेशन की जरूरत होती है। लेकिन ओटी का संचालन न होने से उन्हें हायर सेंटर रेफर करना मजबूरी बन गया है।
कोट-
एसी में खराबी आने से ओटी संचालित नहीं हो सकी है। खराबी को दूर किया जा रहा है। जल्द ही यहां गंभीर ऑपरेशन हो सकेंगे। - प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा।
रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन ठप, मरीज परेशान
रानीखेत (अल्मोड़ा)। उप जिला चिकित्सालय में व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है, जिसकी मार मरीजों को सहनी पड़ रही है। यहां 10 दिन बाद भी ऑपरेशन शुरू नहीं हो सके हैं, जिससे मरीज बेहाल हैं और उन्हें हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
दरअसल 10 दिन पूर्व उप जिला चिकित्सालय के ओटी और दवा स्टोर में बारिश का पानी घुस गया था। निर्माण कार्य के चलते दीवारों और छत से ओटी में पानी रिसने लगा। ऐसे में मरीजों में इंफेक्शन के डर से अस्पताल प्रबंधन ने ओटी का संचालन बंद कर दिया और ऑपरेशन ठप हो गए। लंबे समय बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर सकी है। यहां 50 से अधिक ऑपरेशन लटके हैं। ओटी के दरवाजे बंद हैं और मरीज जल्द दर्द से राहत पाने की उम्मीद में हायर सेंटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। संवाद
कोट
पानी का रिसाव बंद होने पर ओटी का संचालन संभव है। संबंधित ठेकेदार को जल्द व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए हैं। - संदीप दीक्षित, चिकित्साधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।