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बागी नैनवाल बिगाड़ सकते हैं राष्ट्रीय दलों के समीकरण
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत
Updated Sun, 29 Jan 2017 10:45 PM IST
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हॉट मानी जाने वाली रानीखेत विधानसभा सीट में भाजपा से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी जंग में कूदे प्रमोद नैनवाल ने राष्ट्रीय दलों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव तक इस सीट पर भाजपा कांग्रेस में कांटे की टक्कर रही। भाजपा प्रत्याशी वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट 78 वोटों से चुनाव जीते थे।
रानीखेत विधानसभा में रानीखेत नगर और ताड़ीखेत ब्लॉक के अलावा भिकियासैंण ब्लॉक का अधिकांश हिस्सा शामिल हैं। भिकियासैंण सीट नए परिसीमन में समाप्त हो गई थी। भिकियासैंण विधानसभा क्षेत्र को रानीखेत, सल्ट विधानसभा में शामिल कर दिया गया। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में भिकियासैंण क्षेत्र के 43 बूथों के 14 हजार मतदाता शामिल हैं। 2002 में हुए राज्य के पहले आम चुनाव में भाजपा की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कांग्रेस के पूरन माहरा को 2302 मतों से पराजित किया था।
2007 में इस सीट पर एक बार फिर भाजपा कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर हुई, जिसमें कांग्रेस के करन माहरा ने भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट को 205 मतों से मात दी थी। 2012 में भाजपा की तरफ से अजय भट्ट, कांग्रेस की ओर से करन माहरा, बसपा की ओर से स्व. पूरन डंगवाल चुनाव मैदान में थे। तब भाजपा के भट्ट ने मात्र 78 मतों से जीत दर्ज की थी। तब बसपा प्रत्याशी स्व. डंगवाल ने 9297 मत प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया था। इस बार बसपा से जहां पार्टी के जिलाध्यक्ष कृपाल राम चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा के बागी डॉ. प्रमोद नैनवाल बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में कूद गए हैं। वह पिछले काफी समय से विधानसभा क्षेत्र में नशा हटाओ, पलायन रोको, पहाड़ बचाओ अभियान के तहत जनजागरण में लगे हैं। वह भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के मतों पर भी सेंध लगा सकते हैं। उनकी पत्नी हिमानी नैनवाल वर्तमान में भिकियासैंण की ब्लॉक प्रमुख हैं। भिकियासैंण क्षेत्र मुख्यमंत्री हरीश रावत का गृह क्षेत्र होने के कारण कई स्थानों पर कांग्रेस का अच्छा जनाधार भी यहां है जबकि ताड़ीखेत के सिलोर, धूराफाट पट्टी क्षेत्र में नैनवाल की सक्रियता भाजपा को परेशान कर सकती है।
रानीखेत विधानसभा में रानीखेत नगर और ताड़ीखेत ब्लॉक के अलावा भिकियासैंण ब्लॉक का अधिकांश हिस्सा शामिल हैं। भिकियासैंण सीट नए परिसीमन में समाप्त हो गई थी। भिकियासैंण विधानसभा क्षेत्र को रानीखेत, सल्ट विधानसभा में शामिल कर दिया गया। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में भिकियासैंण क्षेत्र के 43 बूथों के 14 हजार मतदाता शामिल हैं। 2002 में हुए राज्य के पहले आम चुनाव में भाजपा की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कांग्रेस के पूरन माहरा को 2302 मतों से पराजित किया था।
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2007 में इस सीट पर एक बार फिर भाजपा कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर हुई, जिसमें कांग्रेस के करन माहरा ने भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट को 205 मतों से मात दी थी। 2012 में भाजपा की तरफ से अजय भट्ट, कांग्रेस की ओर से करन माहरा, बसपा की ओर से स्व. पूरन डंगवाल चुनाव मैदान में थे। तब भाजपा के भट्ट ने मात्र 78 मतों से जीत दर्ज की थी। तब बसपा प्रत्याशी स्व. डंगवाल ने 9297 मत प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया था। इस बार बसपा से जहां पार्टी के जिलाध्यक्ष कृपाल राम चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा के बागी डॉ. प्रमोद नैनवाल बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में कूद गए हैं। वह पिछले काफी समय से विधानसभा क्षेत्र में नशा हटाओ, पलायन रोको, पहाड़ बचाओ अभियान के तहत जनजागरण में लगे हैं। वह भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के मतों पर भी सेंध लगा सकते हैं। उनकी पत्नी हिमानी नैनवाल वर्तमान में भिकियासैंण की ब्लॉक प्रमुख हैं। भिकियासैंण क्षेत्र मुख्यमंत्री हरीश रावत का गृह क्षेत्र होने के कारण कई स्थानों पर कांग्रेस का अच्छा जनाधार भी यहां है जबकि ताड़ीखेत के सिलोर, धूराफाट पट्टी क्षेत्र में नैनवाल की सक्रियता भाजपा को परेशान कर सकती है।
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