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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Hansa Negi district Badar for six months

जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी छह माह के लिए जिला बदर

Tue, 22 Mar 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Tue, 22 Mar 2016 12:37 AM IST
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अल्मोड़ा। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) में पनुवाद्योखन (सल्ट) के जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी को छह माह की अवधि के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने के आदेश सुनाए हैं। इस अवधि में यदि वह किसी कारणवश जिले में प्रवेश करेगा तो उसे इसकी सूचना न्यायालय में देनी होगी। स्वीकृति के बाद ही जिले में प्रवेश कर सकेगा।

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हंसा नेगी को जिले की सीमा से बाहर रहने पर अपने निवास स्थान का पूरा पता न्यायालय और सल्ट थानाध्यक्ष को उपलब्ध कराना होगा। हंसा के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले हैं। मजिस्ट्रेट ने कहा है कि उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा 18 दिसंबर 2015 को पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है।
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जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यदि हंसा नेगी धारा तीन, चार पांच अथवा छह के अधीन दिए गए आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसे तीन वर्ष तक का कठोर कारावास तक हो सकता है। आदेश की प्रति हंसा नेगी के गांव जाख हाल निवासी मछोड़ तहसील सल्ट को निशुल्क उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने थानाध्यक्ष सल्ट/भतरौंजखान को आदेश का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं और आख्या न्यायालय में प्रेषित करने को कहा है। 
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मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा है कि विभिन्न स्तरों पर की गई जांच में पाया गया कि हंसा नेगी एक अवांछनीय संदिग्ध किस्म का व्यक्ति है। जनता में उसके आतंक से भय है। कोई भी व्यक्ति भय से उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने और साक्ष्य देने में डरता है। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में न्यायालय में मामले दर्ज हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से उसके विरुद्ध लगाए गए आरोपों का खंडन करने, कोई ठोस साक्ष्य और अभिलेख हंसा नेगी न्यायालय में पेश नहीं कर सका है।


पूर्व में छह मार्च 2013 को छह माह की अवधि में हंसा नेगी को आदेश दिए गए थे कि वह अपने चाल चलन और गतिविधियों की सूचना थानाध्यक्ष भतरौंजखान को दे। पर हंसा नेगी के चाल चलन में किसी प्रकार का सुधार नहीं हो पाया। इस अवधि में उसके खिलाफ फिर से अभियोग पंजीकृत हुए। मजिस्ट्रेट ने माना की हंसा आदतन अपराध करने का आदि हो गया है और गवाहों पर अनावश्यक रूप से प्रतिकूल दबाव डालते रहता है।  

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