{"_id":"0e4a362ccc4bfd984485ecbaf71c347c","slug":"courses-include-standard-kumaoni-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाठ्यक्रम में शामिल हो मानक कुमाऊंनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाठ्यक्रम में शामिल हो मानक कुमाऊंनी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुमाऊंनी भाषा क्लब कार्यालय में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊंनी भाषा को विद्यालयी पाठ्यक्रम में सही मानकीकरण के साथ शामिल किया जाए। क्लब के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद्र फुलोरिया ने संचालन किया।
विज्ञापन
कहा कि प्रदेश सरकार को कुमाऊंनी भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल करने से पूर्व संपूर्ण कुमाऊं के साहित्यकारों को बुलाकर सभी उपबोलियों को मिला कर तथा मानकीकरण के आधार पर सशक्त कुमाऊंनी भाषा के निर्माण के लिए प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
इसके लिए उत्तराखंड भाषा संस्थान को जिम्मेदारी देकर कुमाऊंनी भाषा के साहित्यकारों, भाषाविदों, लिपि विज्ञानियों के साथ विचार-विमर्श कर ऐसे विद्वानों को आमंत्रित करना चाहिए जो सालों से कुमाऊंनी भाषा, इसके मानकीकरण के लिए शोध कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने नानीसार मामले में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी के साथ हुई मारपीट की निंदा की। इस अवसर पर कुमाऊंनी भाषा क्लब के नगर अध्यक्ष गोपाल चम्याल, नगर सचिव कमलेंदु जोशी, हेम चंद्र जोशी, पंकज रौतेला, राहुल जोशी, विनोद बृजवाल, मुकेश बिष्ट, नवीन जोशी, निर्मल, रंजना मेहता आदि मौजूद थे।