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कभी राहत तो कभी दिक्कतों का सामना कर रहे तीमारदार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 12:04 AM IST
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corona Treatment in base hospital almora
अल्मोड़ा। बेस अस्पताल में बना कोविड अस्पताल मरीजों को राहत पहुंचा रहा है। मरीजों को समय पर उपचार मिलकर वह स्वस्थ हो रहे हैं, तो कई बार मरीजों को समय पर व्यवस्थाएं न मिल पाने से वह नाराज भी हो रहे हैं। होम आइसोलेशन की अनुमति से लेकर मृतक के शव उठाने तक तमाम की व्यवस्था में काफी समय लगने से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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शनिवार को बेस अस्पताल स्थित कोविड अस्पताल की पड़ताल की। इसमें कुछ मरीजों के परिजन अस्पताल की व्यवस्थाओं से काफी हद तक संतुष्ट नजर आए तो कुछ सुविधाओं के अभाव में दिक्कतें महसूस कर रहे हैं। संक्रमित की मृत्यु के बाद समस्या और चौगुनी हो रही है। शव मिलने में काफी समय लग रहा है।
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एक तीमारदार के मरीज की शुक्रवार को ही मौत हो गई। 24 घंटों का समय बीतने को रहा लेकिन विभिन्न औपचारिकता के चलते उन्हें लंबे समय पार्थिव शरीर मिलने में देरी हुई। मृतक के परिजन कई बार अस्पताल के चक्कर काटते रहे। इस दौरान उन्हें भारी समस्याएं झेलनीं पड़ी। अन्य कुछ मरीज भी इसी तरह से परेशान नजर आए।
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पथरी का इलाज कराने आए लेकिन भर्ती हो गए कोविड अस्पताल में
अल्मोड़ा। कोविड अस्पताल बेस में भर्ती एक संक्रमित मरीज के संबंधी ने बताया कि उनके मरीज को पथरी का दर्द उठा था। दर्द के चलते वह जिला अस्पताल अल्मोड़ा में अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे। कोरोना जांच की बाध्यता के चलते उन्होंने जांच कराई।
मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव निकल गई। इसके बाद उसे बेस में भर्ती कर दिया गया है। आरोप है कि मरीज में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं, जबकि उसके पेट में पथरी का काफी दर्द है। परिजन पिछले चार दिनों से होम आइसोलेशन के लिए कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं मिल सकी है।
मरीज के पेट में दर्द था, जिला अस्पताल लेकर आए। वहां अल्ट्रासाउंड से पहले कोरोना जांच करवाई, रिपोर्ट पॉजिटिव निकल गई। कोई लक्षण नहीं है। चार दिनों बाद भी होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं मिल सकी।
-हर सिंह गैड़ा, गैराड़।
शुक्रवार को करीब ढाई बजे हमारे मरीज की मौत हो गई। इसके बाद से शनिवार दोपहर तक भी शव नहीं मिल सका है। कई बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अस्पताल परेशानी बढ़ाने लगे हैं।
-एनएस कनवाल, खत्याड़ी निवासी।
हमारा मरीज नौ दिनों से अस्पताल में भर्ती है। सभी व्यवस्थाएं अच्छी मिली हैं। बेहतर इलाज हुआ है। इस कारण स्वास्थ्य में सुधार भी हुआ है। स्वस्थ होने पर अब जल्द ही डिस्चार्ज होकर घर ले आएंगे।
-राकेश उपाध्याय, मासी निवासी।
हमारे मरीज का ऑक्सीजन लेवल कम हो गया थी। भर्ती है, लेकिन उचित उपचार नहीं मिल रहा है। द्वाराहाट से आए हैं, उन्हें बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। यहां और भी लोग हैं जो हमारी ही तरह परेशान हैं।

- द्वाराहाट की तीमारदार।
कोरोना से मृत्यु होने पर प्रशासन को भी सूचना दी जाती है। तमाम तरह की औपचारिकताएं करने में कुछ समय लग जाता है, लेकिन हम अपनी ओर से जल्द से जल्द व्यवस्थाएं कर रहे हैं। किसी को भी दिक्कतें न हो इसकी कोशिश की जा रही है।
-डॉ. एचसी गढ़कोटी, पीएमएस बेस अस्पताल अल्मोड़ा।
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