गोरखपुर: दस्तक अभियान में तलाशे जाएंगे कोरोना संक्रमित, डोर टू डोर चलेगा अभियान
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि पोलियो की तर्ज पर दस्तक अभियान चलाया जाएगा। आशा, आंगनबाड़ी वर्कर और एएनएम को निर्देश दिया गया है कि घर-घर जाकर कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करते हुए मौके पर ही जांच करें।
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गोरखपुर में दस्तक अभियान के तहत इस बार कोरोना संक्रमित मरीजों की तलाश की जाएगी। साथ ही कोरोनारोधी टीकाकरण से वंचित लोगों की भी तलाश कर उन्हें टीका लगाया जाएगा। शासन के निर्देश पर 24 से 29 जनवरी तक यह अभियान चलाया जाएगा। इसकी तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि पोलियो की तर्ज पर दस्तक अभियान चलाया जाएगा। आशा, आंगनबाड़ी वर्कर और एएनएम को निर्देश दिया गया है कि घर-घर जाकर कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करते हुए मौके पर ही जांच करें। पॉजिटिव आने पर होम आइसोलेट करें। साथ ही इसकी जानकारी गांव और मोहल्ले की निगरानी समितियों को देते हुए पोर्टल पर अपलोड कराएं।
मौके पर ही उन्हें दवा की किट भी उपलब्ध कराई जाए। ट्रैवेल हिस्ट्री के आधार पर उनके संपर्क में आने वालों की भी तत्काल जांच की जाए। इससे सही समय पर संक्रमण का पता चलेगा।
इसके अलावा ऐसे लोगों की सूची भी तैयार करने को कहा गया है, जिन्हें कोरोनारोधी टीके का एक भी डोज अब तक नहीं लगा है। इस बीच अगर कोई ऐसा व्यक्ति भी मिलता है, जो बूथों तक नहीं पहुंच पा रहा है उसे घर पर ही टीका लगाया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर विशेष नजर रखते हुए उन्हें बूस्टर डोज भी लगवाया जाएगा।
दी जाएगी ट्रेनिंग
सीएमओ ने बताया कि अभियान शुरू होने के पूर्व सभी ब्लॉकों की आशा, आंगनबाड़ी वर्कर और एएनएम को ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें बताय जाएगा कि जो लोग कोविड जांच या कोरोनारोधी टीका लगवाने से मना कर रहे हैं, उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग को दें। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ऐसे लोगों के घरों जाएंगे और उन्हें टीका लगवाने और जांच के लिए प्रेरित करेंगे।