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Almora News: सीएचसी देवायल में कांग्रेसियों ने की तालाबंदी
Mon, 21 Sep 2026 11:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:43 PM IST
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सीएचसी देवायल में प्रदर्शन करते कांग्रेस नेता।
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवायल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अस्पताल में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। करीब 35 से 45 मिनट तक मुख्य गेट बंद रखा गया।
मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होने लगी तो कार्यकर्ताओं ने ताला खोल दिया और अस्पताल परिसर में सांकेतिक धरना जारी रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि 16 सितंबर को जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सीएचसी देवायल की व्यवस्थाओं में सुधार, उच्चीकृत सीएचसी को पूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग की गई थी। मांगें पूरी नहीं होने पर तालाबंदी की चेतावनी दी गई थी।
शौचालय बने स्टोर, व्हीलचेयर में फुटरेस्ट तक नहीं
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। शौचालयों का इस्तेमाल स्टोर के रूप में किए जाने, मरीजों के बैठने के लिए लगी बेंचों के टूटे होने और व्हीलचेयर में फुटरेस्ट तक नहीं होने की बात कही गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को रामनगर, हल्द्वानी समेत अन्य शहरों में उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का खामियाजा ग्रामीणों, महिलाओं और नवजात शिशुओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में अस्पताल में हुई 18 डिलीवरी में से 12 पुरुष चिकित्सकों ने कराई हैं। उन्होंने इनोलू गांव की निशा की मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से मरीजों को बड़े अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती।
सुधार नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन
वरिष्ठ कांग्रेसी घनानंद शर्मा ने चेतावनी दी कि 20 दिन के भीतर सीएचसी की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विशन दत्त शर्मा, ग्राम प्रधान अमित रावत, पूर्व ग्राम प्रधान मोहन सिंह रावत, केपी शर्मा, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मोहन शर्मा, जीवन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होने लगी तो कार्यकर्ताओं ने ताला खोल दिया और अस्पताल परिसर में सांकेतिक धरना जारी रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि 16 सितंबर को जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सीएचसी देवायल की व्यवस्थाओं में सुधार, उच्चीकृत सीएचसी को पूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग की गई थी। मांगें पूरी नहीं होने पर तालाबंदी की चेतावनी दी गई थी।
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शौचालय बने स्टोर, व्हीलचेयर में फुटरेस्ट तक नहीं
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। शौचालयों का इस्तेमाल स्टोर के रूप में किए जाने, मरीजों के बैठने के लिए लगी बेंचों के टूटे होने और व्हीलचेयर में फुटरेस्ट तक नहीं होने की बात कही गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को रामनगर, हल्द्वानी समेत अन्य शहरों में उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का खामियाजा ग्रामीणों, महिलाओं और नवजात शिशुओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में अस्पताल में हुई 18 डिलीवरी में से 12 पुरुष चिकित्सकों ने कराई हैं। उन्होंने इनोलू गांव की निशा की मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से मरीजों को बड़े अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती।
सुधार नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन
वरिष्ठ कांग्रेसी घनानंद शर्मा ने चेतावनी दी कि 20 दिन के भीतर सीएचसी की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विशन दत्त शर्मा, ग्राम प्रधान अमित रावत, पूर्व ग्राम प्रधान मोहन सिंह रावत, केपी शर्मा, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मोहन शर्मा, जीवन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।