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समाधान पोर्टल में शिकायत दर्ज होने के बाद जागा विद्युत विभाग
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कैड़ारौ घाटी में विद्युत के पुराने पोल बदलते विद्युत कर्मी। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। कैड़ारौ घाटी में खतरनाक साबित हो रहे पेड़ों की शाखाओं की लॉपिंग का कार्य शुरू हो गया है। सीएम समाधान पोर्टल में शिकायत के बाद आखिरकार विभागीय अधिकारियों की नींद खुली। कर्मचारियों ने देवलधार पहुंचकर लॉपिंग का कार्य शुरू किया। दरअसल शाखाएं विद्युत तारों को छू रही थीं, जिसके हादसों का खतरा बना हुआ था।
विकासखंड के तहत नौलाकोट, बैनाली, बिंता, मैनारी, पारकोट, जाख, नायल आदि ग्राम सभाओं में पेड़ों की लॉपिंग की लिखित शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ।
इसी बीच दो अगस्त को देवभूमि जनसेवा समिति ने देवलधार की विद्युत से जुड़ीं समस्याओं को दूर करने और लॉपिंग की शिकायत सीएम पोर्टल में की थी, दूसरे ही दिन कर्मचारी वहां पहुंचे और लॉपिंग का कार्य शुरू हुआ।
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इसके बाद झूलते तारों और खतरनाक विद्युत लाइनों को भी दुरुस्त किया गया। कई स्थानों पर पोल भी बदले गए। बता दें कि जीआई तारों में कार्बन जमने की समस्या एक गांव विशेष की ना होकर पूरे क्षेत्र की है। विभाग ने नए तारों की व्यवस्था होने पर पक्का समाधान करने का आश्वासन दिया।
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विकासखंड के तहत नौलाकोट, बैनाली, बिंता, मैनारी, पारकोट, जाख, नायल आदि ग्राम सभाओं में पेड़ों की लॉपिंग की लिखित शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ।
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इसी बीच दो अगस्त को देवभूमि जनसेवा समिति ने देवलधार की विद्युत से जुड़ीं समस्याओं को दूर करने और लॉपिंग की शिकायत सीएम पोर्टल में की थी, दूसरे ही दिन कर्मचारी वहां पहुंचे और लॉपिंग का कार्य शुरू हुआ।
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इसके बाद झूलते तारों और खतरनाक विद्युत लाइनों को भी दुरुस्त किया गया। कई स्थानों पर पोल भी बदले गए। बता दें कि जीआई तारों में कार्बन जमने की समस्या एक गांव विशेष की ना होकर पूरे क्षेत्र की है। विभाग ने नए तारों की व्यवस्था होने पर पक्का समाधान करने का आश्वासन दिया।