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फार्मासिस्टों ने काला फीता बांध कर विरोध जताया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 11:42 PM IST
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Civic aminities.
अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में बांहों में काला फीता बांधकर कर विरोध करते डिप्लोमा फार्मासिस्ट। सं - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। शासन स्तर से मांगें पूरी न होने से नाराज डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने सोमवार से जिलेभर में बांहों में काला फीता बांधकर विरोध शुरू कर दिया है। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि चिकित्सक विहीन अस्पतालों, चिकित्सा इकाइयों अथवा चिकित्सक की अनुपस्थिति में उड़ीसा राज्य की तर्ज पर कतिपय बीमारियों के इलाज के लिए फार्मासिस्ट को औषधि लिखने, इलाज की अनुमति दी जानी चाहिए। अन्य राज्यों की तरह फार्मेसिस्ट संवर्ग के पदधारकों के पदनामों में मांग के अनुसार परिवर्तन के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे जाए। बीते आठ सालों से भंग की गई राज्य की फार्मेसी काउंसिल के नए चुनाव संपन्न कर काउंसिल का गठन किया जाए। राज्य में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 का कड़ाई से पालन करने की मांग की।
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कोविड-19 में कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार राज्य के फार्मेसिस्ट संवर्ग के कार्मिकों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डीके जोशी ने बताया कि निर्धारित समयावधि में भी शासन ने मांगें पूरी नहीं की हैं। अब फार्मासिस्टों को मजबूरन आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है। इसके तहत पहले चरण में बांहों में काला फीता बांधकर शासन-प्रशासन का ध्यान खींचा जा रहा है। इसके बाद भी अनसुनी हुई तो आंदोलन के अगले चरण में आवाज बुलंद की जाएगी। इस मौके पर जेपीएस मनराल, श्याम लाल, जेएस देवड़ी, एमसी रेखाड़ी, बीडी साह, आरएस भोज आदि थे।
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फार्मासिस्टों की प्रमुख लंबित मांगें
- संवर्ग पुनर्गठन संबंधी 21 दिसंबर 2021 के अनुसार जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन वीआईपी ड्यूटी यात्रा मार्गों, मेलों आदि के दृष्टिगत अस्थगित रखे 63 पदों (33 फार्मेसिस्ट और 30 चीफ फार्मेसिस्ट) को क्रियाशील किया जाए।
- शासन के निर्देशों के क्रम में विभागीय स्तर से जारी संबद्धता समाप्त करने संबंधी आदेशों को सभी संवर्गों के कर्मचारियों, अधिकारियों पर अनिवार्य, समान रूप से लागू किया जाए।
- चिकित्सालयों की आवश्यकतानुसार नए पदों के सृजन के लिए सुसंगत प्रस्ताव शासन, सरकार को प्रस्तुत किया जाए।
- फार्मेसिस्ट संवर्ग के कार्मिकों के प्रतिकूल हुए स्थानांतरणों में नियमानुसार संशोधन कर आदेश जारी किया जाए।
- गत चार माह से चीफ फार्मेसिस्ट और प्रभारी अधिकारी फार्मेसी के पदों पर पदोन्नति के बाद उनके पदों के सापेक्ष पदस्थापना, समायोजन में वरिष्ठता, अधिवर्षता और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए स्थानांतरण अधिनियम की धाराओं को पृथक रखा जाए।
- कार्यवाहक उपनिदेशक फार्मेसी बीपीएस रावत के सेवानिवृत्त होने पर नियमानुसार संवर्ग के वरिष्ठतम प्रभारी अधिकारी फार्मेसी को कार्यवाहक प्रभारी उपनिदेशक का कार्यभार हस्तांतरित करने के आदेश जारी किए जाए।

- शासनादेशों के अनुसार राजकीय सेवा में दो साल पूर्ण होने पर नॉनफंशनल वेतनमान और 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर प्रथम एसीपी अनुमन्य करने के लिए प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, आहरण वितरण अधिकारियों को आदेशित किया जाए।
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