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ठेकेदारों ने सिंचाई कार्यालय में की तालाबंदी, तहसील में प्रदर्शन
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। रॉयल्टी पांच गुना बढ़ाने और जीएसटी में छह प्रतिशत बढ़ोतरी से गुस्साए सरकारी ठेकेदारों ने निर्माणाचार्य संघ के बैनर तले तहसील कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों के बाहर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
इस दौरान आक्रोशित ठेकेदारों ने सिंचाई कार्यालय में सांकेतिक तालाबंदी की। इसके अलावा तहसील, ब्लाक, नगर पंचायत कार्यालय व थाने में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में संघ के अध्यक्ष हीरासिंह बिष्ट, पूरन संगेला, गणेश अटवाल, अमर सिंह, खुशाल सिंह, सुरेंद्र संगेला, गणेश नायक,राकेश कठायत, महेश वर्मा, कृष्णा रौठार, प्रताप राम, राजेश कठायत, नंदन सिंह बिष्ट, मानसिंह पटवाल,प्रेमसिंह रावत, दुुर्गासिंह, चंदन सिंह बिष्ट और हंसा दत्त आदि थे।
रॉयल्टी बढ़ने से पहाड़ के युवाओं के सामने पैदा हुई चुनौती
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सरकार द्वारा रॉयल्टी पांच गुना करने व जीएसटी की दर बढ़ाने से ठेकेदारी के भरोसे जीवनयापन करने वाले बेरोजगार युवाओं के सामने बड़ी चुनौती पैदा हो गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं के लिए रोजगार का एकमात्र साधन ठेकेदारी रह गया है। इस बीच रॉयल्टी को पांच गुना करने के तुगलकी फरमान ने ठेकेदारी में लगे युवाओं के सामने परेशानी खड़ी कर दी है।
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युवाओं का कहना है कि सरकार को पहले कुल मिलाकर 250 रुपये प्रति घन मीटर रॉयल्टी देते थे। पहले बारह प्रतिशत जीएसटी भरते थे उसे भी बढ़ाकर अट्ठारह प्रतिशत कर दिया है।
निमार्णाचार्य संघ के अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट का कहना है कि पहाड़ का युवा ठेकेदार पहले ही बहुत परेशान था परंतु अब रॉयल्टी बढ़ाने के बाद उसके लिए पलायन करने अथवा चाय की दुकान खोलने के अलावा दूसरा चारा नहीं रह गया है। अन्य ठेकेदारों का भी कहना है कि पहाड़ में न तो आसानी से रवन्ना ही मिल पाता है न ही खनन पट्टे हैं। बाहर मैदानी क्षेत्रों से सामान मंगवाना पड़ता था जो बहुत महंगा बैठता था। अब रॉयल्टी पांच गुना करने से तो जैसे कमर ही टूट गई है।
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इस दौरान आक्रोशित ठेकेदारों ने सिंचाई कार्यालय में सांकेतिक तालाबंदी की। इसके अलावा तहसील, ब्लाक, नगर पंचायत कार्यालय व थाने में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में संघ के अध्यक्ष हीरासिंह बिष्ट, पूरन संगेला, गणेश अटवाल, अमर सिंह, खुशाल सिंह, सुरेंद्र संगेला, गणेश नायक,राकेश कठायत, महेश वर्मा, कृष्णा रौठार, प्रताप राम, राजेश कठायत, नंदन सिंह बिष्ट, मानसिंह पटवाल,प्रेमसिंह रावत, दुुर्गासिंह, चंदन सिंह बिष्ट और हंसा दत्त आदि थे।
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रॉयल्टी बढ़ने से पहाड़ के युवाओं के सामने पैदा हुई चुनौती
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सरकार द्वारा रॉयल्टी पांच गुना करने व जीएसटी की दर बढ़ाने से ठेकेदारी के भरोसे जीवनयापन करने वाले बेरोजगार युवाओं के सामने बड़ी चुनौती पैदा हो गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं के लिए रोजगार का एकमात्र साधन ठेकेदारी रह गया है। इस बीच रॉयल्टी को पांच गुना करने के तुगलकी फरमान ने ठेकेदारी में लगे युवाओं के सामने परेशानी खड़ी कर दी है।
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युवाओं का कहना है कि सरकार को पहले कुल मिलाकर 250 रुपये प्रति घन मीटर रॉयल्टी देते थे। पहले बारह प्रतिशत जीएसटी भरते थे उसे भी बढ़ाकर अट्ठारह प्रतिशत कर दिया है।
निमार्णाचार्य संघ के अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट का कहना है कि पहाड़ का युवा ठेकेदार पहले ही बहुत परेशान था परंतु अब रॉयल्टी बढ़ाने के बाद उसके लिए पलायन करने अथवा चाय की दुकान खोलने के अलावा दूसरा चारा नहीं रह गया है। अन्य ठेकेदारों का भी कहना है कि पहाड़ में न तो आसानी से रवन्ना ही मिल पाता है न ही खनन पट्टे हैं। बाहर मैदानी क्षेत्रों से सामान मंगवाना पड़ता था जो बहुत महंगा बैठता था। अब रॉयल्टी पांच गुना करने से तो जैसे कमर ही टूट गई है।