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उत्तराखंड में पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए
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अल्मोड़ा माल रोड स्थित होटल सभागार में हुई बैठक में मौजूद मंचासीन मुख्य अतिथि । संवाद न्यूज एजें?
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति की बैठक में वक्ताओं ने प्रदेश में पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को लिकर सुविधा दी जाए।
माल रोड स्थित एक होटल सभागार में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीयकृत लिकर प्रणाली लागू की है लेकिन अभी तक एसएसबी रानीखेत, ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ काठगोदाम और आईटीबीपी बिमौला की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को लिकर सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्रीयकृत लिकर प्रणाली को जल्द लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण बोर्ड की तर्ज पर प्रदेश में जल्द पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए। पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड न होने से पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त पैरामिलिट्री सदस्यों को पेंशन सुविधा दी जानी चाहिए। संगठन की मजबूती के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह नेगी और संचालन रूप सिंह बिष्ट ने किया।
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बैठक में संरक्षक केबी पांडेय, उपाध्यक्ष टीडी शर्मा, कोषाध्यक्ष हर्षवर्धन चौधरी, त्रिलोक कड़ाकोटी, डूंगर सिंह परिहार, तेज सिंह, आरके खुल्बे, राम सिंह रजवार, गंगा बिष्ट, मोहन मेहरा, सीएस बिष्ट, हरी सिंह फर्त्याल, महेंद्र नाथ, नंदाबल्लभ बिष्ट, केवलानंद, पीएस नेगी, हिम्मत सिंह, चतुर सिंह, भीम सिंह, रंजीत सिंह, एनएल वर्मा, जीसी पंत, जगदीश प्रसाद, हेमंत पंत, दयाल राम, रमेश सिंह नेगी, आरपी जोशी, फते सिंह, केएस मेहता, केसी पांडेय आदि मौजूद थे।
क्या कहते हैं पूर्व पैरामिलिट्री कर्मी
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पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड न होने से पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। बोर्ड जल्द गठित किया जाए। सरकार पैरामिलिट्री के साथ सौतेला व्यवहार न करें। मैसों में सभी से समान दर से चार्ज लिया जाए।
मनोहर सिंह नेगी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति
पैरामिलिट्री फोर्स हमेशा केंद्रीय कर्मचारी के रूप में ही जाना जाता है जो कि गलत है। पैरामिलिट्री देश की प्रथम रक्षा पंक्ति है। आंतरिक सुरक्षा में भी पूरा सहयोग करती है। पैरा मिलिट्री की सिविलयन सर्विस से तुलना न्यायोचित नहीं है। हमारी मांगें जल्द पूरी की जाएं।
रूप सिंह बिष्ट, कुमाऊं सचिव उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति
पैरामिलिट्री के जाबांज भी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं लेकिन उन्हें वह सुविधा नहीं दी जाती है जो सेना के जवानों को मिलती हैं। पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को वन रैंक-वन पेंशन का लाभ दिया जाए। हल्द्वानी में सीजीएचएस अस्पताल खोला जाए।
रमेश नेगी, ब्लाक अध्यक्ष द्वाराहाट उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति
वर्ष 2004 के बाद भर्ती हुए पैरामिलिट्री कर्मियों को पेंशन दी जाए। सरकार पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है जो ठीक नहीं है। मेडिकल सुविधा का लाभ भी दिया जाना चाहिए। समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
केबी पांडेय, संरक्षक उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति
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माल रोड स्थित एक होटल सभागार में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीयकृत लिकर प्रणाली लागू की है लेकिन अभी तक एसएसबी रानीखेत, ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ काठगोदाम और आईटीबीपी बिमौला की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को लिकर सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्रीयकृत लिकर प्रणाली को जल्द लागू करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण बोर्ड की तर्ज पर प्रदेश में जल्द पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए। पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड न होने से पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त पैरामिलिट्री सदस्यों को पेंशन सुविधा दी जानी चाहिए। संगठन की मजबूती के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह नेगी और संचालन रूप सिंह बिष्ट ने किया।
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बैठक में संरक्षक केबी पांडेय, उपाध्यक्ष टीडी शर्मा, कोषाध्यक्ष हर्षवर्धन चौधरी, त्रिलोक कड़ाकोटी, डूंगर सिंह परिहार, तेज सिंह, आरके खुल्बे, राम सिंह रजवार, गंगा बिष्ट, मोहन मेहरा, सीएस बिष्ट, हरी सिंह फर्त्याल, महेंद्र नाथ, नंदाबल्लभ बिष्ट, केवलानंद, पीएस नेगी, हिम्मत सिंह, चतुर सिंह, भीम सिंह, रंजीत सिंह, एनएल वर्मा, जीसी पंत, जगदीश प्रसाद, हेमंत पंत, दयाल राम, रमेश सिंह नेगी, आरपी जोशी, फते सिंह, केएस मेहता, केसी पांडेय आदि मौजूद थे।
क्या कहते हैं पूर्व पैरामिलिट्री कर्मी
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पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड न होने से पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। बोर्ड जल्द गठित किया जाए। सरकार पैरामिलिट्री के साथ सौतेला व्यवहार न करें। मैसों में सभी से समान दर से चार्ज लिया जाए।
मनोहर सिंह नेगी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति
पैरामिलिट्री फोर्स हमेशा केंद्रीय कर्मचारी के रूप में ही जाना जाता है जो कि गलत है। पैरामिलिट्री देश की प्रथम रक्षा पंक्ति है। आंतरिक सुरक्षा में भी पूरा सहयोग करती है। पैरा मिलिट्री की सिविलयन सर्विस से तुलना न्यायोचित नहीं है। हमारी मांगें जल्द पूरी की जाएं।
रूप सिंह बिष्ट, कुमाऊं सचिव उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति
पैरामिलिट्री के जाबांज भी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं लेकिन उन्हें वह सुविधा नहीं दी जाती है जो सेना के जवानों को मिलती हैं। पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों को वन रैंक-वन पेंशन का लाभ दिया जाए। हल्द्वानी में सीजीएचएस अस्पताल खोला जाए।
रमेश नेगी, ब्लाक अध्यक्ष द्वाराहाट उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति
वर्ष 2004 के बाद भर्ती हुए पैरामिलिट्री कर्मियों को पेंशन दी जाए। सरकार पूर्व पैरामिलिट्री कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है जो ठीक नहीं है। मेडिकल सुविधा का लाभ भी दिया जाना चाहिए। समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
केबी पांडेय, संरक्षक उत्तराखंड पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति