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चितई मंदिर में अब आधार कार्ड बगैर नहीं होंगी शादियां
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:25 PM IST
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अल्मोड़ा का चितई मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
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मंदिर में गुपचुप तरीके से विवाह करने वालों को अब अपना सही परिचय पत्र देना होगा। देश भर में आधार कार्ड जरूरी होने के बाद चितई ग्वल देवता मंदिर में भी विवाह के लिए यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब तक गुपचुप तरीके से कई लोग नाबालिग लड़कियों का विवाह करा लेते थे। मंदिर समिति के निर्णय के बाद अब वर और कन्या पक्ष को वर और वधु का आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा।
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ग्वल देवता मंदिर समिति चितई में पदाधिकारियों की हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि मंदिर में विवाह कराने वाले वर और कन्या को आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा तभी उनका रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा। इसके अलावा मंदिर में सादे ढंग से विवाह कराने पर विचार किया गया ताकि मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की शांति में कोई खलल नहीं पड़े। बताया जाता है कि मंदिरों में उम्र प्रमाणित करने के लिए आधार कार्ड और कोई अन्य ठोस सबूत के बगैर भी विवाह होने की संभावना रहती थी। अब आधार कार्ड अनिवार्य करने के बाद विवाह के लिए झूठे रजिस्ट्रेशन और नाबालिग लड़कियों के विवाह के मामलों पर लगाम लग सकेगी। बैठक में ग्वल देवता मंदिर समिति चितई के अध्यक्ष संतोष पंत, उपाध्यक्ष नलिन पंत, कोषाध्यक्ष हरि विनोद पंत, सचिव प्रकाश चंद्र पंत, प्रधान चितई विद्या पंत मौजूद रहे।
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