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बच्चों से खतरनाक काम करवाने पर हो सकती है जेल
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:33 PM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चौरा हवालबाग में आयोजित विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर में शिक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने बाल अधिकारों के बारे में बताया।
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उन्होंने कहा कि बच्चों से खतरनाक काम कराने और उसे बंधुवा मजदूर बनाने, उसकी कमाई खाने पर तीन साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही बच्चे के मानवीय गुणों का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने बताया कि बाल अपराधों को रोकने के लिए ज्यूनाइल जस्टिस एक्ट की विभिन्न धाराओं में बच्चे अथवा किशोर को पीटने, मारने, हमला करने, जानबूझ कर उपेक्षित करने अथवा किसी प्रकार का मानसिक, शारीरिक आघात पहुंचाने पर सजा और आर्थिक दंड दोनों होने का प्रावधान है। बच्चे से भीख मंगवाने के अपराध के लिए तीन साल की सजा और जुर्माने दोनों की व्यवस्था की गई है। प्रधानाचार्य सुरेश पाठक ने कहा कि अधिकांश विद्यालय प्रबंधन समितियां निष्क्रिय हैं। इससे स्कूलों का
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काम बाधित होता है। संचालन महेंद्र प्रकाश ने किया। शिविर में हरीश लाल, प्रियंका समेत छात्र-छात्राएं मौजूद थे। इस मौके पर 500 विधि की पुस्तकें भी वितरित की गईं।
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