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रामकृष्ण कुटीर अल्मोड़ा की शताब्दी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Sun, 22 May 2016 01:18 AM IST
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रामकृष्ण कुटीर अल्मोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के ब्राइट एंड कार्नर पर स्थित रामकृष्ण कुटीर की स्थापना के 22 मई को 100 साल पूरे हो गए। स्वामी विवेकानंद अल्मोड़ा में आध्यात्म और ध्यान केंद्र बनाना चाहते थे। स्वामी विवेकानंद की इच्छा को देखते हुए उनके गुरु भाई स्वामी तुरियानंद ने 100 साल पहले 22 मई 1916 में यहां रामकृष्ण कुटीर (मठ) नाम से केंद्र की स्थापना की। स्वामी विवेकानंद का अल्मोड़ा से काफी लगाव रहा और स्वामी जी कई बार अल्मोड़ा आते रहे। नैनीताल से अल्मोड़ा की यात्रा के दौरान स्वामी जी को काकड़ीघाट के पास एक स्थान ज्ञान प्राप्त हुआ।
मालूम हो कि स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु भाई स्वामी तुरियानंद राम कृष्ण परम हंस के शिष्य थे। स्वामी विवेकानंद अल्मोड़ा में एक ध्यान और आध्यात्म केंद्र स्थापित करना चाहते थे। अपने जीते जी वह इस केंद्र को स्थापित नहीं कर सके, लेकिन बाद में उनके गुरु भाई स्वामी तुरियानंद ने आज से 100 साल पहले इस केंद्र की स्थापना की। इस केंद्र में आज भी देश भर से उनके अनुयायी साधना के लिए आते हैं।
इधर, रामकृष्ण कुटीर की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने की भी तैयारियां चल रही हैं। रामकृष्ण कुटीर की शताब्दी के साथ ही आज ही के दिन स्वामी तुरियानंद महाराज की 150वीं जयंती भी मनाई जाएगी। रामकृष्ण मठ के स्वामी सोमदेवानंद ने बताया कि इस मौके पर प्रात: पांच बजे वैदिक मंत्रोचारण, मंगल आरती, भजन गाए जाएंगे। 10:30 बजे स्वामी सुहितानंद नव निर्मित साधु आवास का लोकार्पण होगा।
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सुबह 11 बजे रामकृष्ण मठ के सहायक सचिव सुविरानंद मठ के इतिहास पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण करेंगे। शाम पांच बजे स्वामी तुरियानंद महाराज की जीवनी और उनकी शिक्षाओं पर रामकृष्ण मिशन बड़ौदा के सचिव स्वामी निखिलेश्वरानंद व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी सुहितानंद करेंगे। मठ के अध्यक्ष स्वामी सोमदेवानंद ने सभी लोगों से कार्यक्रमों में भागीदारी करने का आह्वान किया है।
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मालूम हो कि स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु भाई स्वामी तुरियानंद राम कृष्ण परम हंस के शिष्य थे। स्वामी विवेकानंद अल्मोड़ा में एक ध्यान और आध्यात्म केंद्र स्थापित करना चाहते थे। अपने जीते जी वह इस केंद्र को स्थापित नहीं कर सके, लेकिन बाद में उनके गुरु भाई स्वामी तुरियानंद ने आज से 100 साल पहले इस केंद्र की स्थापना की। इस केंद्र में आज भी देश भर से उनके अनुयायी साधना के लिए आते हैं।
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इधर, रामकृष्ण कुटीर की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने की भी तैयारियां चल रही हैं। रामकृष्ण कुटीर की शताब्दी के साथ ही आज ही के दिन स्वामी तुरियानंद महाराज की 150वीं जयंती भी मनाई जाएगी। रामकृष्ण मठ के स्वामी सोमदेवानंद ने बताया कि इस मौके पर प्रात: पांच बजे वैदिक मंत्रोचारण, मंगल आरती, भजन गाए जाएंगे। 10:30 बजे स्वामी सुहितानंद नव निर्मित साधु आवास का लोकार्पण होगा।
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सुबह 11 बजे रामकृष्ण मठ के सहायक सचिव सुविरानंद मठ के इतिहास पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण करेंगे। शाम पांच बजे स्वामी तुरियानंद महाराज की जीवनी और उनकी शिक्षाओं पर रामकृष्ण मिशन बड़ौदा के सचिव स्वामी निखिलेश्वरानंद व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी सुहितानंद करेंगे। मठ के अध्यक्ष स्वामी सोमदेवानंद ने सभी लोगों से कार्यक्रमों में भागीदारी करने का आह्वान किया है।