अल्मोड़ा। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के सबसे लंबे आंदोलन के सफल होने पर खुशी मनाई गई। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर उत्तराखंड किसान सभा (संबद्ध अखिल भारतीय किसान सभा), सीटू, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा के कार्यकताओं ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में जश्न मनाया।
वक्ताओं ने कहा कि किसान आंदोलन ने साफ किया है कि सत्ता कितनी भी निरंकुश हो, संगठित आंदोलन के आगे उसे झुकना ही पड़ता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य, बिजली बिल और शहीद किसानों को मुआवजे के मामले में सरकार ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया है। अब किसानों ने आंदोलन खत्म कर घर वापसी शुरू की है। इस दौरान शहीद किसानों, हेलिकॉप्टर दुघर्टना में जान गंवाने वाले सीडीएस बिपिन रावत समेत अन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। सभा में प्रेमा जड़ौत, आनंदी गुप्ता, सुनीता पांडे, जया पांडे, भानु पांडे, स्वप्निल पांडे, यूसुफ तिवारी, आरपी जोशी, दिनेश पांडे आदि थे।