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बिंता क्षेत्र के पशुओं में फिर फैला खुरपका
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:33 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ब्लॉक के बिंता क्षेत्र में पशुओं में फिर खुरपका रोग फैलने लगा है। खास बात यह है कि बीते मई और जून में इसी रोग की रोकथाम के लिए इन गांवों में पशुुओं का टीकाकरण भी हो चुका है।
मालूम हो कि मई और जून में भी इस क्षेत्र के पशुुओं में खुरपका रोग फैला था, तब पशुधन प्रसार केंद्र की तरफ से यहां शिविर लगाकर व्यापक मात्रा में पशुओं का टीकाकरण कराया गया था। भतौरा गांव निवासी महेंद्र सिंह कैड़ा ने बताया कि उनकी भैंस और दो बैलों को पूर्व में खुरपका रोग हुआ था। उन्हें टीके लगाए गए थे, लेकिन भैंस और दोनों बैलों में फिर से रोग पनप गया है। बिंता, बसभीड़ा, भतौरा क्षेत्र में काफी मवेशियों में खुरपका रोग फैला हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 10-15 दिनों से यह समस्या आ रही है। दूसरी तरफ पशुधन प्रसार केंद्र के कर्मचारी का स्थानांतरण भी हो गया है। जिस कारण पशुुओं को दवा देने वाला कोई नहीं है। पशुपालक बालम सिंह, तारा सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेंद्र कैड़ा, प्रह्लाद सिंह, ललित सिंह कैड़ा, मोहन सिंह कैड़ा आदि का कहना है कि टीकाकरण की अवधि छह माह बताई जा रही है, लेकिन चार माह भी नहीं बीते पशुओं में रोग फिर से पनपने लगा है। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए तुरंत पशुुओं का उपचार कराने की मांग की है। इधर, सोमेश्वर और बग्वालीपोखर के चिकित्सा प्रभारी डा. ओपी आर्य ने बताया कि शीघ्र ही बिंता में शिविर लगाकर पशुुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
मालूम हो कि मई और जून में भी इस क्षेत्र के पशुुओं में खुरपका रोग फैला था, तब पशुधन प्रसार केंद्र की तरफ से यहां शिविर लगाकर व्यापक मात्रा में पशुओं का टीकाकरण कराया गया था। भतौरा गांव निवासी महेंद्र सिंह कैड़ा ने बताया कि उनकी भैंस और दो बैलों को पूर्व में खुरपका रोग हुआ था। उन्हें टीके लगाए गए थे, लेकिन भैंस और दोनों बैलों में फिर से रोग पनप गया है। बिंता, बसभीड़ा, भतौरा क्षेत्र में काफी मवेशियों में खुरपका रोग फैला हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 10-15 दिनों से यह समस्या आ रही है। दूसरी तरफ पशुधन प्रसार केंद्र के कर्मचारी का स्थानांतरण भी हो गया है। जिस कारण पशुुओं को दवा देने वाला कोई नहीं है। पशुपालक बालम सिंह, तारा सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेंद्र कैड़ा, प्रह्लाद सिंह, ललित सिंह कैड़ा, मोहन सिंह कैड़ा आदि का कहना है कि टीकाकरण की अवधि छह माह बताई जा रही है, लेकिन चार माह भी नहीं बीते पशुओं में रोग फिर से पनपने लगा है। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए तुरंत पशुुओं का उपचार कराने की मांग की है। इधर, सोमेश्वर और बग्वालीपोखर के चिकित्सा प्रभारी डा. ओपी आर्य ने बताया कि शीघ्र ही बिंता में शिविर लगाकर पशुुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
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