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Almora News: वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा का सस्ता उपाय बना कार्बाइड धमाका यंत्र
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्वतीय क्षेत्रों में वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों ने कार्बाइड से धमाके की आवाज निकालने वाले पाइपनुमा यंत्र का सहारा नई उम्मीद बन कर उभरा है। 300 से 350 रुपये में मिलने वाला यह उपकरण इन दिनों किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बाजार में इसकी मांग बढ़ने से दुकानदारों के यहां भी किसानों की आवाजाही बढ़ गई है।
इस यंत्र में थोड़ी मात्रा में कैल्शियम कार्बाइड डालकर उसमें पानी की कुछ बूंदें मिलाई जाती हैं। इसके बाद लाइटर या आग की चिंगारी देने पर गैस बनने से जोरदार धमाके जैसी आवाज होती है। अचानक होने वाली इस आवाज से जंगली सूअर, बंदर, साही और अन्य वन्यजीव चौंककर खेतों से दूर भाग जाते हैं, जिससे फसलों को नुकसान से बचाने में मदद मिलती है। किसानों का कहना है कि पहाड़ में जंगली जानवरों के कारण खेती करना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। रात-दिन खेतों की रखवाली करना भी आसान नहीं है। ऐसे में कम कीमत वाला यह यंत्र फसलों की सुरक्षा का एक कारगर विकल्प बनकर उभरा है। यही वजह है कि इन दिनों क्षेत्र के कई किसान इसे खरीदकर अपने खेतों में इस्तेमाल कर रहे हैं। यंत्र बेचने आए राम बाबू यादव का कहना है कि इस उपकरण का उपयोग पूरी सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। इसे सुरक्षित स्थान पर और आवश्यक सतर्कता बरतते हुए ही प्रयोग करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
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बोले किसान
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जंगली सूअर और बंदरों से फसलों को लगातार नुकसान हो रहा है। पहले रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती थी। अब कार्बाइड वाले यंत्र की तेज आवाज से जानवर खेतों से दूर चले जाते हैं, जिससे काफी राहत मिली है।
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- राजेंद्र सिंह, सुनियाकोट
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यह यंत्र करीब 300-350 रुपये में मिल जाता है और इस्तेमाल करना भी आसान है। आवाज सुनकर जंगली जानवर खेतों के पास नहीं आते। इससे फसल बचाने में काफी मदद मिल रही है, हालांकि इसका प्रयोग पूरी सावधानी के साथ करना चाहिए। :
- मोहन सिंह, काश्तकार, गगास
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इस यंत्र में थोड़ी मात्रा में कैल्शियम कार्बाइड डालकर उसमें पानी की कुछ बूंदें मिलाई जाती हैं। इसके बाद लाइटर या आग की चिंगारी देने पर गैस बनने से जोरदार धमाके जैसी आवाज होती है। अचानक होने वाली इस आवाज से जंगली सूअर, बंदर, साही और अन्य वन्यजीव चौंककर खेतों से दूर भाग जाते हैं, जिससे फसलों को नुकसान से बचाने में मदद मिलती है। किसानों का कहना है कि पहाड़ में जंगली जानवरों के कारण खेती करना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। रात-दिन खेतों की रखवाली करना भी आसान नहीं है। ऐसे में कम कीमत वाला यह यंत्र फसलों की सुरक्षा का एक कारगर विकल्प बनकर उभरा है। यही वजह है कि इन दिनों क्षेत्र के कई किसान इसे खरीदकर अपने खेतों में इस्तेमाल कर रहे हैं। यंत्र बेचने आए राम बाबू यादव का कहना है कि इस उपकरण का उपयोग पूरी सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। इसे सुरक्षित स्थान पर और आवश्यक सतर्कता बरतते हुए ही प्रयोग करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
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बोले किसान
जंगली सूअर और बंदरों से फसलों को लगातार नुकसान हो रहा है। पहले रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती थी। अब कार्बाइड वाले यंत्र की तेज आवाज से जानवर खेतों से दूर चले जाते हैं, जिससे काफी राहत मिली है।
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- राजेंद्र सिंह, सुनियाकोट
यह यंत्र करीब 300-350 रुपये में मिल जाता है और इस्तेमाल करना भी आसान है। आवाज सुनकर जंगली जानवर खेतों के पास नहीं आते। इससे फसल बचाने में काफी मदद मिल रही है, हालांकि इसका प्रयोग पूरी सावधानी के साथ करना चाहिए। :
- मोहन सिंह, काश्तकार, गगास