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पांडवखोली में समारोहपूर्वक मनाई गई नागा बाबा की पुण्यतिथि
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पांडवखोली में कार्यक्रम देखने पहुंचे लोग।संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत/द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पांडवों के अज्ञातवास की स्थली के रूप में मशहूर स्वर्गपुरी पांडवखोली में ब्रह्मलीन महंत नागा बाबा बलवंत गिरी महाराज की 28वीं पुण्यतिथि मंगलवार को मनाई गई। वहां कई खेल गतिविधियों का आयोजन कर जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी लगाई गई। भंडारे में सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। रॉक क्लाइंबिंग के लिए युवाओं में भारी उत्साह रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से समा बांध दिया।
इस वर्ष भी पथ भ्रमण संघ रानीखेत की तरफ से द्रोणगिरी पर्वत श्रृंखला के मध्य स्थित आध्यात्मिक स्थली स्वर्गपुरी पांडवखोली में महिलाओं की पासिंग बॉल, चेयर रेस, बोरा दौड़, बच्चों के बीच जलेबी दौड़ हुई। क्षेत्रीय विद्यालयों के बच्चों और उनकी टीमों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों का स्वस्थ मनोरंजन किया। वहां लोकगीत और लोकनृत्य, शिलारोहण आदि हुए। शिलारोहण के लिए युवाओं में खासा उत्साह रहा।
इससे पूर्व सोमवार को नित्य पूजा, गणेश पूजा, रुद्री पाठ और देर रात तक भजन, कीर्तन का दौर चला। मंगलवार सुबह नित्य पूजा, हवन, पूर्णाहुति, भंडारे के साथ महिलाओं एवं बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, पथ भ्रमण संघ के अध्यक्ष हरीश लाल साह आदि ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही
रानीखेत। भंडारे के दौरान भीम की खातड़ी में जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। पांडवखोली क्षेत्र में बेशकीमती जड़ी-बूटियां पाई जातीं हैं। योग ध्यान केंद्र के रूप में यह स्थल पहले ही विकसित हो चुका है। यहां विदेशी श्रद्धालु भी आकर योग ध्यान करते हैं। जड़ी-बूटियों से तमाम आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण किया जाता है।
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इस वर्ष भी पथ भ्रमण संघ रानीखेत की तरफ से द्रोणगिरी पर्वत श्रृंखला के मध्य स्थित आध्यात्मिक स्थली स्वर्गपुरी पांडवखोली में महिलाओं की पासिंग बॉल, चेयर रेस, बोरा दौड़, बच्चों के बीच जलेबी दौड़ हुई। क्षेत्रीय विद्यालयों के बच्चों और उनकी टीमों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों का स्वस्थ मनोरंजन किया। वहां लोकगीत और लोकनृत्य, शिलारोहण आदि हुए। शिलारोहण के लिए युवाओं में खासा उत्साह रहा।
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इससे पूर्व सोमवार को नित्य पूजा, गणेश पूजा, रुद्री पाठ और देर रात तक भजन, कीर्तन का दौर चला। मंगलवार सुबह नित्य पूजा, हवन, पूर्णाहुति, भंडारे के साथ महिलाओं एवं बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, पथ भ्रमण संघ के अध्यक्ष हरीश लाल साह आदि ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही
रानीखेत। भंडारे के दौरान भीम की खातड़ी में जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। पांडवखोली क्षेत्र में बेशकीमती जड़ी-बूटियां पाई जातीं हैं। योग ध्यान केंद्र के रूप में यह स्थल पहले ही विकसित हो चुका है। यहां विदेशी श्रद्धालु भी आकर योग ध्यान करते हैं। जड़ी-बूटियों से तमाम आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण किया जाता है।