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अल्मोड़ा के युवराज और यथार्थ ने खराब कागज से मिनी कार की बॉडी तैयार की
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प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर इसी मिनी कार की बाडी तैयार की है युवराज और यथार्थ ने।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। देहरादून के ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय से एमटेक कर रहे अल्मोड़ा के जोशीखोला निवासी युवराज जोशी और उनके भाई यथार्थ जोेशी ने रद्दी कागज से प्लास्टिक का विकल्प तैयार करते हुए तीन पहिये वाली इको फ्रैंडली कार की बॉडी बनाई है। खराब कागज में विशेष तरह के सोल्यूशन को मिलाकर तैयार की गई मिनी कार की बॉडी प्लास्टिक अथवा फाइबर की तरह मजबूत है। इलेक्ट्रिक इंजन वाली इस कार को पिछले हफ्ते बंगलूरू में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला है। उन्होंने प्लास्टिक के इस विकल्प को पेटेंट दिलाने के लिए भी आवेदन कर दिया है।
अल्मोड़ा के तल्ला जोशीखोला निवासी राजा जोशी और चंपा जोशी के पुत्र युवराज और यथार्थ ग्राफिक ऐरा विवि देहरादून में एमटेक की पढ़ाई के साथ ही कई तरह के शोध कार्य कर रहे हैं। काफी मेहनत के बाद युवराज और यथार्थ ने खराब कागज से प्लास्टिक का विकल्प तैयार किया है। उन्होंने विशेष सोल्यूशन (रसायन) तैयार करके खराब कागज से प्लास्टिक अथवा फाइबर की तरह मजबूत पैनल तैयार करने में सफलता हासिल की है। हाल ही में ग्राफिक ऐरा विवि के सहयोग से तैयार की गई तीन पहिये वाली इलेक्ट्रिक कार की बॉडी खराब कागज से तैयार करके युवराज और यथार्थ ने सबको चौंका दिया।
युवराज ने बताया कि पिछले हफ्ते बंगलूरू में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में इस कार को तीसरा स्थान हासिल हुआ और ढाई लाख का नगद पुरस्कार मिला। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में कम से कम प्रदूषण करने वाले वाहनों का प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि उनके द्वारा तैयार कागज के इस विकल्प के जरिये प्लास्टिक की तर्ज पर फर्नीचर, कुर्सी टेबल, पैनल आदि के अलावा कार, दोपहिया आदि के आउटर पार्ट तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राफिक ऐरा विवि के माध्यम से प्लास्टिक के विकल्प को मान्यता देने और पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया गया है। दोनों ही छात्रों को ग्राफिक ऐरा विवि के चेयरमेन डॉ.कमल घनसाला ने 50 हजार रुपये का नगद पुरस्कार भी दिया है। डॉ. घनसाला ने उम्मीद जताई है कि प्लास्टिक का विकल्प तैयार हो जाने से पूरी दुनिया को एक नया तोहफा मिलेगा।
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अल्मोड़ा के तल्ला जोशीखोला निवासी राजा जोशी और चंपा जोशी के पुत्र युवराज और यथार्थ ग्राफिक ऐरा विवि देहरादून में एमटेक की पढ़ाई के साथ ही कई तरह के शोध कार्य कर रहे हैं। काफी मेहनत के बाद युवराज और यथार्थ ने खराब कागज से प्लास्टिक का विकल्प तैयार किया है। उन्होंने विशेष सोल्यूशन (रसायन) तैयार करके खराब कागज से प्लास्टिक अथवा फाइबर की तरह मजबूत पैनल तैयार करने में सफलता हासिल की है। हाल ही में ग्राफिक ऐरा विवि के सहयोग से तैयार की गई तीन पहिये वाली इलेक्ट्रिक कार की बॉडी खराब कागज से तैयार करके युवराज और यथार्थ ने सबको चौंका दिया।
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युवराज ने बताया कि पिछले हफ्ते बंगलूरू में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में इस कार को तीसरा स्थान हासिल हुआ और ढाई लाख का नगद पुरस्कार मिला। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में कम से कम प्रदूषण करने वाले वाहनों का प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि उनके द्वारा तैयार कागज के इस विकल्प के जरिये प्लास्टिक की तर्ज पर फर्नीचर, कुर्सी टेबल, पैनल आदि के अलावा कार, दोपहिया आदि के आउटर पार्ट तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राफिक ऐरा विवि के माध्यम से प्लास्टिक के विकल्प को मान्यता देने और पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया गया है। दोनों ही छात्रों को ग्राफिक ऐरा विवि के चेयरमेन डॉ.कमल घनसाला ने 50 हजार रुपये का नगद पुरस्कार भी दिया है। डॉ. घनसाला ने उम्मीद जताई है कि प्लास्टिक का विकल्प तैयार हो जाने से पूरी दुनिया को एक नया तोहफा मिलेगा।

युवराज और यथार्थ।- फोटो : ALMORA
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