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भविष्य के खतरों की रोकथाम के उपायों पर मंथन

Sat, 27 May 2017 11:16 PM IST
अल्मोड़ा़,अमर उजाला
अल्मोड़ा़,अमर उजाला Updated Sat, 27 May 2017 11:16 PM IST
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 Brainstorm on prevention of future hazards
प्रभावित क्षेत्र का मुआयना करते एसडीएम। - फोटो : अमर उजाला

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नेतृत्व में एनएच और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर भविष्य के खतरों की रोकथाम के उपायों पर मंथन किया। क्षेत्र में करीब अस्सी परिवारों के खेत बर्बाद हुए हैं, उनको मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।       

ग्राम पंचायत बिजरानी में बादल फटने के बाद मची तबाही से प्रभावित लोगों की मदद को प्रशासन की टीम मौके पर ही जमी है। एसडीएम गौरव चटवाल के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग और एनएच के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर नाले की दिशा को मोड़ने सहित कई सुरक्षा उपायों को लेकर मंथन किया। राजस्व और कृषि विभाग की टीम ने कृषकों के बर्बाद हुए खेतों का निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया। एसडीएम चटवाल ने बाद में पत्रकार वार्ता कर प्रशासन द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि मोहन सिंह और लीलाधर के परिवार को त्वरित सहायता राशि दे दी गई है। मोहन सिंह के ध्वस्त मकान का एक लाख रुपये का मुआवजा शीघ्र दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदा में करीब अस्सी परिवारों के खेत बर्बाद हुए हैं। आकलन करने के बाद उनके मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी। कहा कि प्रभावित क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को जून का राशन भी उपलब्ध करा दिया गया है। बिजली की बहाली हो गई है। पेयजल की व्यवस्था टैंकरों के माध्यम से की जा रही है। कहा कि ग्रामीणों की मांग पर नाले की दिशा गांव के दूसरे छोर पर करने के साथ ही सुरक्षा के तहत मनरेगा से सुरक्षा दीवाल बनाने जाएगी।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जा रही है। वे स्वयं तीन दिन से राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। तहसीलदार सहित पूरी टीम लगातार मौके पर बनी हुई है। इधर विधायक महेश नेगी ने कहा है कि वह अपने स्तर से प्रभावित परिवारों की मदद को तत्पर हैं। साथ ही प्रभावित कृषकों को भी पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। कहा कि वर्तमान में देय मुआवजे के मानक नाकाफी है इसमें शासन स्तर से बढोतरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को किसी सुरक्षित स्थान पर भूखंड देने के साथ ही आवास की व्यवस्था होनी चाहिए।    

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