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Almora News: क्वारब में गिरते बोल्डर और सिस्टम ले रहा यात्रियों की परीक्षा
Wed, 03 Sep 2025 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:35 PM IST
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क्वारब के पास पहाड़ी से गिरते मलबे और पत्थरों के बीच इस तरह जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे
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अल्मोड़ा। क्वारब पर सड़क बंद होने की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। क्वारब में हाईवे बंद होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित है। पैदल राहगीर गिरते बोल्डरों के बीच जान बचाकर भागते नजर आ रहे हैं। सड़क खोलने का काम कर रहे जेसीबी मशीन चालक और यहां ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड व पुलिस के जवान जान हथेली पर रखकर ड्यूटी कर रहे हैं।
अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर क्वारब पुल के पास सुयाल नदी का तेज बहाव लगातार भू-कटाव हो रहा है। 150 मीटर की ऊंचाई से लगातार भूस्खलन हो रहा है। यहां पर एनएच के लिए सुरक्षात्मक कार्य करना चुनौती साबित हो रहा है।
क्वारब के बंद होने से अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के लोग परेशान हैं। सर्वाधिक दिक्कत पुल के पार और वार के गांवों के लोगों को उठानी पड़ रही है। क्वारब के पास सड़क बंद होने से लोसगनी, नथूवाखान, चौंसली, क्वारब, करबला, लोधिया, लाट, देवली सहित कई अन्य गांवों के लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए यहां पर एनएच को दूसरे प्रबंध करने होंगे।
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बारिश हुई तो कीचड़, धूप खिली तो धूल
क्वारब के पास हल्की बारिश में सड़क पूरी तरह कीचड़ से पट जाती है और धूप खिलने पर धूल का गुबार उड़ने लगता है। सड़क बंद होने पर कीचड़ पर पैदल आवाजाही करना और कठिन हो जाता है। यहां पर अगर भूस्खलन को रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो स्थिति और अधिक गंभीर हो जाएगी।
अतिरिक्त किराया देकर अल्मोड़ा पहुंच रहे हैं लोग
नथुवाखान और लोसगानी गांव के लोगों का बाजार अल्मोड़ा है। वह जरूरत का सामान खरीदने के लिए अल्मोड़ा आते हैं। जब तक क्वारब के पास भूस्खलन की समस्या नहीं थी तब तक नथुवाखान से क्वारब का किराया 60 रुपये था। अब बढ़कर लोगों को 250 रुपये देने पड़ रहे हैं। यहां से करीब 13 किमी दूर अल्मोड़ा आने के लिए उन्हें 100 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। वाहन नहीं मिलने से अधिकतर लोगों को पैदल की आवाजाही करनी पड़ रही है।
डेढ़ साल से हो रही है दिक्कत
क्वारब में सुयाल नदी पर पुल बनाने के लिए एनएच ने खोदाई की थी। लोगों को उम्मीद थी कि पुल बनने के बाद राहत मिलेगी। पुल निर्माण के दौरान अवैज्ञानिक तरीके से किए गए खोदाई के बाद लगातार भूस्खलन हो रहा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा के लिए नाक का सवाल बना क्वारब
क्वारब पर लगातार हो रहे भूस्खलन से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा केंद्र सरकार में सड़क परिवहन राज्यमंत्री हैं। वह हवाई जहाज से आवागमन करते हैं लेकिन उनके संसदीय क्षेत्र की जनता पैदल आवाजाही करती है। लोगों ने यहां पर वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट कराने की मांग की है।
बोले लोग-
क्वारब पर लगातार हो रहे भूस्खलन से काफी दिक्कतें होती हैं। नजदीकी बाजार अल्मोड़ा पड़ता है। क्वारब बंद होने से गिरते बोल्डरों के बीच कीचड़ पर जान बचाकर भागना पड़ता है। - पान सिंह, लोसगानी गांव
- क्वारब के बंद होने से सभी लोग परेशान हो जाते हैं। पैदल आवाजाही के दौरान हमेशा अनहोनी का खतरा बना रहता है। एनएच को इसका स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है। - प्रताप सिंह, नथुवाखान गांव
कोट
लगातार हो रही बारिश से क्वारब पर मलबा आया है जिसे साफ करने का कार्य किया जा रहा है। ऊपरी हिस्से के ट्रीटमेंट के लिए 32 करोड़ से अधिक और निचले हिस्से के ट्रीटमेंट के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए हैं। कार्य समय से पूरा करने और लोगों को दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - अजय टम्टा, केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री, भारत सरकार
-
लगातार हो रही बारिश से क्वारब के पास काफी मलबा आया है जिसे साफ कराया जा रहा है। कार्य समय से पूरे हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। - अशोक चौधरी, ईई एनएच रानीखेत
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अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर क्वारब पुल के पास सुयाल नदी का तेज बहाव लगातार भू-कटाव हो रहा है। 150 मीटर की ऊंचाई से लगातार भूस्खलन हो रहा है। यहां पर एनएच के लिए सुरक्षात्मक कार्य करना चुनौती साबित हो रहा है।
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क्वारब के बंद होने से अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के लोग परेशान हैं। सर्वाधिक दिक्कत पुल के पार और वार के गांवों के लोगों को उठानी पड़ रही है। क्वारब के पास सड़क बंद होने से लोसगनी, नथूवाखान, चौंसली, क्वारब, करबला, लोधिया, लाट, देवली सहित कई अन्य गांवों के लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए यहां पर एनएच को दूसरे प्रबंध करने होंगे।
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बारिश हुई तो कीचड़, धूप खिली तो धूल
क्वारब के पास हल्की बारिश में सड़क पूरी तरह कीचड़ से पट जाती है और धूप खिलने पर धूल का गुबार उड़ने लगता है। सड़क बंद होने पर कीचड़ पर पैदल आवाजाही करना और कठिन हो जाता है। यहां पर अगर भूस्खलन को रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो स्थिति और अधिक गंभीर हो जाएगी।
अतिरिक्त किराया देकर अल्मोड़ा पहुंच रहे हैं लोग
नथुवाखान और लोसगानी गांव के लोगों का बाजार अल्मोड़ा है। वह जरूरत का सामान खरीदने के लिए अल्मोड़ा आते हैं। जब तक क्वारब के पास भूस्खलन की समस्या नहीं थी तब तक नथुवाखान से क्वारब का किराया 60 रुपये था। अब बढ़कर लोगों को 250 रुपये देने पड़ रहे हैं। यहां से करीब 13 किमी दूर अल्मोड़ा आने के लिए उन्हें 100 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। वाहन नहीं मिलने से अधिकतर लोगों को पैदल की आवाजाही करनी पड़ रही है।
डेढ़ साल से हो रही है दिक्कत
क्वारब में सुयाल नदी पर पुल बनाने के लिए एनएच ने खोदाई की थी। लोगों को उम्मीद थी कि पुल बनने के बाद राहत मिलेगी। पुल निर्माण के दौरान अवैज्ञानिक तरीके से किए गए खोदाई के बाद लगातार भूस्खलन हो रहा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा के लिए नाक का सवाल बना क्वारब
क्वारब पर लगातार हो रहे भूस्खलन से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा केंद्र सरकार में सड़क परिवहन राज्यमंत्री हैं। वह हवाई जहाज से आवागमन करते हैं लेकिन उनके संसदीय क्षेत्र की जनता पैदल आवाजाही करती है। लोगों ने यहां पर वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट कराने की मांग की है।
बोले लोग-
क्वारब पर लगातार हो रहे भूस्खलन से काफी दिक्कतें होती हैं। नजदीकी बाजार अल्मोड़ा पड़ता है। क्वारब बंद होने से गिरते बोल्डरों के बीच कीचड़ पर जान बचाकर भागना पड़ता है। - पान सिंह, लोसगानी गांव
- क्वारब के बंद होने से सभी लोग परेशान हो जाते हैं। पैदल आवाजाही के दौरान हमेशा अनहोनी का खतरा बना रहता है। एनएच को इसका स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है। - प्रताप सिंह, नथुवाखान गांव
कोट
लगातार हो रही बारिश से क्वारब पर मलबा आया है जिसे साफ करने का कार्य किया जा रहा है। ऊपरी हिस्से के ट्रीटमेंट के लिए 32 करोड़ से अधिक और निचले हिस्से के ट्रीटमेंट के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए हैं। कार्य समय से पूरा करने और लोगों को दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - अजय टम्टा, केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री, भारत सरकार
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लगातार हो रही बारिश से क्वारब के पास काफी मलबा आया है जिसे साफ कराया जा रहा है। कार्य समय से पूरे हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। - अशोक चौधरी, ईई एनएच रानीखेत