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300 किमी बद्रीनाथ की यात्रा कर लौटा तीन सदस्यीय साइकिलिस्टों का दल
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अल्मोड़ा से बद्रीनाथ की साइकिलिंग से यात्रा करते भारत शाह, मोहन सिंह भंडारी और कौसानी के कार्तिक
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। जिले के तीन सदस्यीय साइकिलिस्टों के दल ने साइकिल से तीन दिन में 300 किमी यात्रा पूरी की। दल बदरीनाथ और माणा की यात्रा कर लौटा है।
दल में शामिल अल्मोड़ा के भारत शाह, मोहन सिंह भंडारी और कौसानी के कार्तिक भट्ट का शुक्रवार को अल्मोड़ा लौटने पर स्वागत किया गया। दल के सदस्यों ने बताया कि 5632 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास तक एमटीबी साइकिल ले जाने का आयोजन स्की माउंटेनियरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड ने उत्तराखंड पर्यटन के सहयोग से किया था।
साहसिक पर्यटन नीतियों पर किया जाए पुनर्विचार
अल्मोड़ा। विश्व पर्यटन दिवस पर दिए गए संदेश रीथिंकिंग टूरिज्म या पर्यटन पर पुनर्विचार के अंतर्गत यात्रा पर निकले साइकिलिस्टों ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की नीतियों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। यहां के दुर्गम प्राकृतिक स्थलों में पर्यटकों को लाने ले जाने के लिए परमिट आदि सुविधाओं को सरल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के कई क्षेत्र लद्दाख से भी ज्यादा खूबसूरत हैं लेकिन बेहतर नीतियां न होने से वहां पर पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम है। संवाद
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दल में शामिल अल्मोड़ा के भारत शाह, मोहन सिंह भंडारी और कौसानी के कार्तिक भट्ट का शुक्रवार को अल्मोड़ा लौटने पर स्वागत किया गया। दल के सदस्यों ने बताया कि 5632 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास तक एमटीबी साइकिल ले जाने का आयोजन स्की माउंटेनियरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड ने उत्तराखंड पर्यटन के सहयोग से किया था।
साहसिक पर्यटन नीतियों पर किया जाए पुनर्विचार
अल्मोड़ा। विश्व पर्यटन दिवस पर दिए गए संदेश रीथिंकिंग टूरिज्म या पर्यटन पर पुनर्विचार के अंतर्गत यात्रा पर निकले साइकिलिस्टों ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की नीतियों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। यहां के दुर्गम प्राकृतिक स्थलों में पर्यटकों को लाने ले जाने के लिए परमिट आदि सुविधाओं को सरल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के कई क्षेत्र लद्दाख से भी ज्यादा खूबसूरत हैं लेकिन बेहतर नीतियां न होने से वहां पर पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम है। संवाद
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