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असम राइफल्स को रक्षा मंत्रालय के अधीन किया जाए
Sun, 16 Jun 2019 11:55 PM IST
दीपक नेगी
चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sun, 16 Jun 2019 11:55 PM IST
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चौखुटिया में सैनिक विश्राम गृह परिसर में अपनी मांगों के समर्थन् में नारेबाजी करते असम राईफल्स के पूर्व सैनिक आदि।
- फोटो : अमर उजाला
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असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों ने अपनी समस्याओं के निदान की मांग को लेकर सैनिक विश्राम गृह के बाहर नारेबाजी की। इस दौरान हुई बैठक में असम राइफल्स के जवानों को सेना की तरह सुविधाएं देने की मांग की गई। बैठक में खासतौर से असम राइफल्स को गृह मंत्रालय के बजाय रक्षा मंत्रालय के अधीन किए जाने की मांग की गई।
बैठक में कहा गया कि लंबी लड़ाई के बाद असम राइफल्स के जवानों की सीएसडी कैंटीन की सुविधा के साथ ही मेडिकल सुविधा संबंधी मांग तो पूरी हो चुकी है, लेकिन अन्य मांगों पर कार्रवाई होना बाकी है। पूर्व सैनिकों ने इसके लिए संघर्ष करने पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन मे नारेबाजी भी की। बैठक में राष्ट्रीय सचिव नारायण सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष सतीश पांडे, अशोक नेगी, हरीश सिंह नेगी, मोहन सिंह नेगी, मोहन राम, बिशन सिंह, नंदन सिंह, हरीश मेहता, कलावती, रेवती, प्रताप सिंह आदि कई पूर्व सैनिक मौजूद थे।
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बैठक में कहा गया कि लंबी लड़ाई के बाद असम राइफल्स के जवानों की सीएसडी कैंटीन की सुविधा के साथ ही मेडिकल सुविधा संबंधी मांग तो पूरी हो चुकी है, लेकिन अन्य मांगों पर कार्रवाई होना बाकी है। पूर्व सैनिकों ने इसके लिए संघर्ष करने पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन मे नारेबाजी भी की। बैठक में राष्ट्रीय सचिव नारायण सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष सतीश पांडे, अशोक नेगी, हरीश सिंह नेगी, मोहन सिंह नेगी, मोहन राम, बिशन सिंह, नंदन सिंह, हरीश मेहता, कलावती, रेवती, प्रताप सिंह आदि कई पूर्व सैनिक मौजूद थे।
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