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Almora News: एक साल बाद ही उखड़ गया डामर
Sat, 11 Mar 2023 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 11 Mar 2023 11:35 PM IST
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इस हाल में है जरूरी बाजार की सड़क। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। अंग्रेजों के दौर में मुख्य बाजार रही जरूरी बाजार की सड़क फिर से बदहाल हो गई है। एक साल पूर्व इस सड़क पर विधायक निधि से गड्ढे भरे गए थे लेकिन अब डामर उखड़कर फिर से गड्ढे बन गए हैं। सड़क संकरी है। तीव्र मोड़ों पर गड्ढे बन जाने से कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं।
जरूरी बाजार अंग्रेज शासनकाल में स्थानीय नागरिकों की मुख्य बाजार हुआ करती थी। ग्रामीण इस बाजार से खरीदारी करते थे। सड़क पर कई सालों से बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके थे। पिछले साल चुनाव पूर्व तत्कालीन विधायक करन माहरा ने छावनी परिषद को विधायक निधि से कई विकास कार्यों के लिए धनराशि मुहैया कराई। सड़क के गड्ढे पाटने का काम भी शुरू हुआ लेकिन एक साल बाद अब गड्ढों का डामर उखड़ चुका है।
कैंट के राजस्व अधीक्षक राजेंद्र पंत ने बताया कि जरूरी बाजार सहित कई सड़कों के प्रस्ताव भेजे गए थे लेकिन अब आचार संहिता लग चुकी है। दूसरी तरफ रानीखेत-किलकोट बाईपास सड़क की हालत खराब है। रानीखेत नगर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए चार दशक पूर्व यह बाईपास सड़क बनी लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। घिंघारीखाल रायस्टेट से चार किमी दूर किलकोट तक सड़क बनी है। यह सड़क क्षतिग्रस्त है। मुक्तिधाम पर सड़क का एक हिस्सा जमींदोज हो गया है। लोनिवि प्रांतीय खंड के एई केएस बिष्ट ने बताया कि आपदा में सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी लेकिन धनराशि नहीं आई है।
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-जरूरी बाजार की सड़क पर दोपहिया वाहन चलाने से लोग डरने लगे हैं। छावनी परिषद को प्राथमिकता के साथ इस सड़क की मरम्मत करनी चाहिए। -आलोक वर्मा, जरूरी बाजार।
-अधिकतर निजी अस्पताल जरूरी बाजार क्षेत्र में ही हैं। दूर दराज के मरीजों को तीमारदार अस्पताल लाते हैं। मरीजों को गड्ढों के कारण दिक्कतें होती हैं। -कपिल राजेश्वरी, जरूरी बाजार।
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जरूरी बाजार अंग्रेज शासनकाल में स्थानीय नागरिकों की मुख्य बाजार हुआ करती थी। ग्रामीण इस बाजार से खरीदारी करते थे। सड़क पर कई सालों से बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके थे। पिछले साल चुनाव पूर्व तत्कालीन विधायक करन माहरा ने छावनी परिषद को विधायक निधि से कई विकास कार्यों के लिए धनराशि मुहैया कराई। सड़क के गड्ढे पाटने का काम भी शुरू हुआ लेकिन एक साल बाद अब गड्ढों का डामर उखड़ चुका है।
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कैंट के राजस्व अधीक्षक राजेंद्र पंत ने बताया कि जरूरी बाजार सहित कई सड़कों के प्रस्ताव भेजे गए थे लेकिन अब आचार संहिता लग चुकी है। दूसरी तरफ रानीखेत-किलकोट बाईपास सड़क की हालत खराब है। रानीखेत नगर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए चार दशक पूर्व यह बाईपास सड़क बनी लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। घिंघारीखाल रायस्टेट से चार किमी दूर किलकोट तक सड़क बनी है। यह सड़क क्षतिग्रस्त है। मुक्तिधाम पर सड़क का एक हिस्सा जमींदोज हो गया है। लोनिवि प्रांतीय खंड के एई केएस बिष्ट ने बताया कि आपदा में सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी लेकिन धनराशि नहीं आई है।
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-जरूरी बाजार की सड़क पर दोपहिया वाहन चलाने से लोग डरने लगे हैं। छावनी परिषद को प्राथमिकता के साथ इस सड़क की मरम्मत करनी चाहिए। -आलोक वर्मा, जरूरी बाजार।
-अधिकतर निजी अस्पताल जरूरी बाजार क्षेत्र में ही हैं। दूर दराज के मरीजों को तीमारदार अस्पताल लाते हैं। मरीजों को गड्ढों के कारण दिक्कतें होती हैं। -कपिल राजेश्वरी, जरूरी बाजार।