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व्यापार मंडल के बंद के आह्वान के विरोध में उतरे कई व्यापारी
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए व्यापार मंडल से घोषित एक हफ्ते के बंद के आह्वान का कुछ व्यापारियों ने विरोध कर दिया है।
उन्होंने शासन की गाइडलाइन के अनुसार दोपहर दो बजे तक दुकानें खोलने की मांग की है। संयुक्त मजिस्ट्रेट को भी ज्ञापन सौंपा गया है।
कोरोना की रोकथाम के लिए व्यापार मंडल ने एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था। जो बृहस्पतिवार से प्रभावी भी हो गया है।
ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत सहित कई पंचायती प्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय को समर्थन दिया था। घोषणा के बाद आवश्यक व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे।
इधर, कुछ व्यापारियों ने व्यापार मंडल के पूर्ण बंद के निर्णय का विरोध कर दिया है। कुछ व्यापारियों के शिष्टमंडल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडेय से मुलाकात की।
बताया कि कोरोना के कारण व्यापार पहले से ही कम है। शादी, ब्याह हो रहे हैं। इसलिए सरकार ने दोपहर दो बजे तक दुकानों को खोलने संबंधी गाइडलाइन जारी की है।
उसका पालन करते हुए दुकानें खोली जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल ने व्यापारियों को विश्वास में लिए बिना तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि जरूरी सामग्री की दुकानें खोलने या बंद रखने के लिए व्यापारी स्वतंत्र हैं।
ज्ञापन में महिला उपाध्यक्ष सीमा जसवाल, जयंत रौतेला, हेमंत मेहरा, दीपक पंत, विनीत चौरसिया, राजेंद्र पांडे, भारती भगत, चंदन भगत, बसंत पांडे, कैलाश शर्मा आदि व्यापारियों के हस्ताक्षर शामिल हैं।
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उन्होंने शासन की गाइडलाइन के अनुसार दोपहर दो बजे तक दुकानें खोलने की मांग की है। संयुक्त मजिस्ट्रेट को भी ज्ञापन सौंपा गया है।
कोरोना की रोकथाम के लिए व्यापार मंडल ने एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था। जो बृहस्पतिवार से प्रभावी भी हो गया है।
ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत सहित कई पंचायती प्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय को समर्थन दिया था। घोषणा के बाद आवश्यक व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे।
इधर, कुछ व्यापारियों ने व्यापार मंडल के पूर्ण बंद के निर्णय का विरोध कर दिया है। कुछ व्यापारियों के शिष्टमंडल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडेय से मुलाकात की।
बताया कि कोरोना के कारण व्यापार पहले से ही कम है। शादी, ब्याह हो रहे हैं। इसलिए सरकार ने दोपहर दो बजे तक दुकानों को खोलने संबंधी गाइडलाइन जारी की है।
उसका पालन करते हुए दुकानें खोली जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल ने व्यापारियों को विश्वास में लिए बिना तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि जरूरी सामग्री की दुकानें खोलने या बंद रखने के लिए व्यापारी स्वतंत्र हैं।
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ज्ञापन में महिला उपाध्यक्ष सीमा जसवाल, जयंत रौतेला, हेमंत मेहरा, दीपक पंत, विनीत चौरसिया, राजेंद्र पांडे, भारती भगत, चंदन भगत, बसंत पांडे, कैलाश शर्मा आदि व्यापारियों के हस्ताक्षर शामिल हैं।
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