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घोषित जिलों को अस्तित्व में लाने का आश्वासन
ब्यूरो/अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:08 PM IST
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दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करते शिष्टमंडल के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड में भाजपा शासन में घोषित जिलों को अस्तित्व में लाने का आश्वासन उनसे मिलने गए शिष्टमंडल को दिया है। शिष्टमंडल यमुनोत्री विधायक केदार रावत और पूर्व खेल मंत्री नारायण रावत के नेतृत्व में उनसे दिल्ली में मिला। शिष्टमंडल में रानीखेत से छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी और जिला आंदोलनकारी गिरीश भगत भी शामिल थे।
2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने रानीखेत, यमुनोत्री, कोटद्वार और डीडीहाट जिला बनाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक जिले अस्तित्व में नहीं आ सके हैं। जिस कारण इन क्षेत्र के लोगों में रोष है। रानीखेत जिले के लिए संघर्ष आजादी के बाद से ही चल रहा है। कई बार आंदोलन हुए, हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से लोग छले गए हैं। इधर अब जिले के लिए लोगों ने फिर से कमर कस ली है।
चारों स्थानों पर आंदोलन चल रहे हैं। चारों घोषित जिलों की संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत और पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा के नेतृत्व में सोमवार की सुबह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा द्वारा 2011 में घोषित चार जिलों को अस्तित्व में लाने का अनुरोध किया। शिष्टमंडल ने जिला आंदोलन से जुड़े डीएन बड़ोला को फोन पर बताया कि गृह मंत्री ने इस बाबत शीघ्र उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है।
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रानीखेत जिले का वायदा भी दिलाया याद
रानीखेत। शिष्टमंडल में रानीखेत से शामिल छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी और गिरीश भगत ने गृह मंत्री को कुछ साल रानीखेत आगमन पर गृह मंत्री द्वारा की गई जिले की घोषणा की भी याद दिलाई। 2007 में राजनाथ सिंह ने रानीखेत की खड़ी बाजार से चुनाव जीतने के बाद जिला बनाने का वायदा किया था।
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2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने रानीखेत, यमुनोत्री, कोटद्वार और डीडीहाट जिला बनाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक जिले अस्तित्व में नहीं आ सके हैं। जिस कारण इन क्षेत्र के लोगों में रोष है। रानीखेत जिले के लिए संघर्ष आजादी के बाद से ही चल रहा है। कई बार आंदोलन हुए, हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से लोग छले गए हैं। इधर अब जिले के लिए लोगों ने फिर से कमर कस ली है।
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चारों स्थानों पर आंदोलन चल रहे हैं। चारों घोषित जिलों की संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत और पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा के नेतृत्व में सोमवार की सुबह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा द्वारा 2011 में घोषित चार जिलों को अस्तित्व में लाने का अनुरोध किया। शिष्टमंडल ने जिला आंदोलन से जुड़े डीएन बड़ोला को फोन पर बताया कि गृह मंत्री ने इस बाबत शीघ्र उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है।
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रानीखेत जिले का वायदा भी दिलाया याद
रानीखेत। शिष्टमंडल में रानीखेत से शामिल छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी और गिरीश भगत ने गृह मंत्री को कुछ साल रानीखेत आगमन पर गृह मंत्री द्वारा की गई जिले की घोषणा की भी याद दिलाई। 2007 में राजनाथ सिंह ने रानीखेत की खड़ी बाजार से चुनाव जीतने के बाद जिला बनाने का वायदा किया था।