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पशु चिकित्सा व्यवस्था को संजीवनी की जरूरत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 12:33 AM IST
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Animal health arrangments are not sufficient.
जीर्ण शीर्ण किराये के भवन में चल रहा अल्मोड़ा का पशु अस्पताल (सदर)। - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। जिले में पशु चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है। पशु चिकित्सकों, पशुधन प्रसार अधिकारियों, वैक्सीनेटर के कई पद खाली होने से पशुपालकों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।
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जिले में कुल 37 पशु अस्पताल और एक सचल अस्पताल हैं। पशु अस्पताल भनोली, बासोट, भौनखाल में लंबे समय से पशु चिकित्साधिकारी के पद खाली चल रहे हैं। अस्पतालों में पशुधन प्रसार अधिकारियों के 120 पद स्वीकृत हैं जिसके सापेक्ष 47 पदों पर पशुधन प्रसार अधिकारी कार्यरत हैं जबकि 58 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। वैक्सीनेटर के कुल 35 पद स्वीकृत हैं जिसके सापेक्ष 19 पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। पशु धन प्रसार अधिकारियों की कमी के चलते पशु नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन समेत पशु स्वास्थ्य के कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। संवाद
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10 अस्पताल चल रहे किराये के भवन में
अल्मोड़ा। जिले में 10 पशु अस्पताल को अपनी छत भी नसीब नहीं है। जिले में राजकीय पशु चिकित्सालय सदर अल्मोड़ा, धामस, बानठौक, धौलनेड़ी, नैनी बाराकोट, मजखाली, मासी, भैरंगखाल, झीपा, सचल अल्मोड़ा लंबे समय से किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल सदर सर्वाधिक खस्ताहाल है। इस भवन की दीवारों में कई स्थानों पर दरारें आ गईं हैं। 63 पशु सेवा केंद्रों को अपनी छत का इंतजार है। संवाद
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दवाइयों के खराब होने का खतरा
अल्मोड़ा। पशु अस्पताल (सदर) में ही केंद्रीय औषधि भंडार है। केंद्रीय औषधि भंडार से जिले में स्थापित सभी पशु अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई होती है। जीर्णशीर्ण छत से तेज बारिश में पानी टपक कर अंदर आ जाता है। इससे औषधि भंडार में रखी गई दवाओं के खराब होने और दस्तावेजों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। संवाद

पशु चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी, वैक्सीनेटर के रिक्त पदों की सूचना प्रतिमाह निदेशालय को भेजी जाती है। डॉक्टर, पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी के चलते विभागीय कामकाज पर असर पड़ रहा है। स्टाफ की कमी की वजह से नई योजनाओं के क्रियान्वयन में भी दिक्कतें होती हैं।
- डॉ. उदयशंकर, मुुख्य पशु चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा
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