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सातों गांवों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी
ब्यूरो/अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Sat, 12 Nov 2016 11:21 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी की आत्मदाह की चेतावनी के बाद जल महकमे ने स्याल्दे विकासखंड में पेयजल से वंचित सातों गांवों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है, क्षतिग्रस्त सदे पेयजल पंपिंग योजना को ठीक करने के लिए तीन माह का समय भी ग्रामीणों से मांगा है। पानी पहुंचने के बाद राज्य आंदोलनकारी पान सिंह रावत ने फिलहाल आत्मदाह की चेतावनी को वापस ले लिया है।
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मालूम हो कि देघाट-घटगाड़ मोटर मार्ग निर्माण में सदे पेयजल पंपिंग योजना के पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिसके चलते सदे, लामाढून सहित सात गांवों में डेढ़ माह से पानी की बूंद नहीं टपक रही थी, गांव में शादी का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में ग्रामीण पारंपरिक पेयजल योजनाओं पर निर्भर होकर रह गए थे।
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क्षेत्र के बुजुर्ग राज्य आंदोलनकारी पान सिंह रावत ने सात दिन पहले आत्मदाह की चेतावनी दी थी, इधर जल संस्थान ने अब गांव के लिए पंतगांव गधेरे से वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। राज्य आंदोलनकारी श्री रावत ने बताया कि उन्होंने आत्मदाह की चेतावनी वापस ले ली है। विभाग ने तीन माह में क्षतिग्रस्त योजना को ठीक करने का समय मांगा है, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से आत्मदाह करेंगे। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए उन्होंने जल संस्थान का आभार भी जताया है।
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