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अल्मोड़ा में 327 करोड़ के मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों का अता-पता नहीं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:44 PM IST
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Almora Medical College Has Only One Surgeon
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज।।सवाद - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। भले ही प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के दावे हो रहे हैं। बावजूद इसके इसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा है। 327 करोड़ रुपये की लागत से बना अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज इसकी बानगी है। यहां की छह लाख से अधिक की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज को धरातल पर तो उतारा गया है लेकिन यहां डॉक्टरों का अता-पता नहीं है। हालात यह हैं कि इतनी बढ़ी आबादी के उपचार व ऑपरेशन के लिए यहां महज एक सर्जन तैनात हैं। जबकि पांच सर्जनों के पद रिक्त चल रहे हैं।
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अल्मोड़ा की छह लाख से अधिक की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दावे कर यहां 327 करोड़ से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया है। दो साल पूर्व इसका संचालन भी शुरू कर दिया गया। तब लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं से निजात मिलेगी और बेहतर उपचार के लिए उन्हें मैदानी क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा लेकिन उनकी यह उम्मीद परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के लिए हर रोज बढ़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन उनका ऑपरेशन करने को यहां सर्जनों की भारी कमी है। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक यहां मरीजों के ऑपरेशन करने को छह सर्जनों की जरूरत है। बावजूद इसके यहां महज एक सर्जन तैनात हैैं। ऐसे में मरीजों का दबाव बढ़ने से उन्हें अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जा रहा है। मजबूर होकर यहां के लोगों को ऑपरेशन कराने मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ रही है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावे हो रहे हैं।
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हर माह ऑपेरशन के लिए 320 से अधिक मरीज पहुंचते हैं
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में हर माह जनपद के विभिन्न हिस्सों से 320 से अधिक लोग पहुंचते हैं, जिन्हें ऑपरेशन कराने की जरूरत होती है। लेकिन सर्जन न होने से कॉलेज प्रबंधन के लिए अधिकांश मरीजों को रेफर करना मजबूर बन गया है। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक एक सर्जन के भरोसे इतने ऑपरेशन संभव नहीं हैं। ऐसे में मरीज बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं की मार सहते हुए मैदानी क्षेत्रों का रुख करने को मजबूर हैं। संवाद
ओटी संचालन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का टोटा
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज खोलकर अल्मोड़ा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के सपने तो दिखाए गए लेकिन संचालन के दो साल बाद भी उन्हें मायूसी झेलनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से ओटी का निर्माण किया गया है और उसमें मशीनरी स्थापित की गई है। बावजूद इसके ओटी के संचालन को कॉलेज प्रबंधन के पास स्वास्थ्य कर्मियों का टोटा है। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मी नहीं मिलने से इसका संचालन करना चुनौती बना हुआ है।

कोट-
मेडिकल कॉलेज में छह सर्जनों की जरूरत है। लेकिन वर्तमान में एक ही सर्जन यहां तैनात हैं। विज्ञप्ति जारी होने के बाद भी यहां कोई सर्जन तैनाती नहीं ले रहा। जल्द सर्जनों के रिक्त पदों को भरने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा।
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