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पीएम के सलाहकार खुल्बे से रानीखेतवासियों को भी हैं खासी उम्मीदें
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार बने भास्कर खुल्बे से रानीखेतवासियों को भी खासी उम्मीदें हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी पिछले छह सालों से पीएमओ में तैनात भास्कर खुल्बे का रानीखेत से गहरा नाता रहा है। उनके पिता स्व. ख्याली राम खुल्बे 1961 से 64 तक यहां छावनी परिषद के उपाध्यक्ष भी रहे हैं।
मूल रूप से भिकियासैंण के सीम गांव निवासी खुल्बे की शिक्षा यहां रानीखेत मिशन इंटर कॉलेज में हुई है। उन्होंने यहां 12वीं तक की शिक्षा की ग्रहण की। इसके बाद वह नैनीताल डीएसबी परिसर से डिग्री लेने चले गए। वह यहां अपर खड़ी बाजार में रहते थे। भास्कर खुल्बे के पिता ख्याली राम खुल्बे ठेकेदार थे। वह 1961 से 1964 तक छावनी परिषद रानीखेत के उपाध्यक्ष भी रहे।
वरिष्ठ पत्रकार विमल सती, छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, ज्योति शाह मिश्रा सहित तमाम लोगों का कहना है कि बेहद सादगी और सरलता से जीवन व्यतीत करने वाले भास्कर खुल्बे आज उस सोपान पर हैं जिसका लाभ रानीखेत के नागरिकों को मिल सकता है। लोगों को रक्षा मंत्रालय से संबधित मामले, नगर पालिका और जिलों के लिए केंद्र से सहमति और बजट दिलाने की भी उम्मीद जगी है।
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मूल रूप से भिकियासैंण के सीम गांव निवासी खुल्बे की शिक्षा यहां रानीखेत मिशन इंटर कॉलेज में हुई है। उन्होंने यहां 12वीं तक की शिक्षा की ग्रहण की। इसके बाद वह नैनीताल डीएसबी परिसर से डिग्री लेने चले गए। वह यहां अपर खड़ी बाजार में रहते थे। भास्कर खुल्बे के पिता ख्याली राम खुल्बे ठेकेदार थे। वह 1961 से 1964 तक छावनी परिषद रानीखेत के उपाध्यक्ष भी रहे।
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वरिष्ठ पत्रकार विमल सती, छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, ज्योति शाह मिश्रा सहित तमाम लोगों का कहना है कि बेहद सादगी और सरलता से जीवन व्यतीत करने वाले भास्कर खुल्बे आज उस सोपान पर हैं जिसका लाभ रानीखेत के नागरिकों को मिल सकता है। लोगों को रक्षा मंत्रालय से संबधित मामले, नगर पालिका और जिलों के लिए केंद्र से सहमति और बजट दिलाने की भी उम्मीद जगी है।
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