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एबीवीपी प्रत्याशियों का नामांकन नहीं होने से बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 01 Oct 2016 11:13 PM IST
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राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा में छात्रसंघ चुनाव के नामांकन को लेकर बवाल हो गया। एबीवीपी से प्रत्याशियों का आरोप है कि वह नामांकन के लिए निर्धारित अवधि दोपहर एक बजे से पहले कालेज परिसर में पहुंच गए थे, इसके बावजूद कालेज प्रशासन ने उनका नामांकन दर्ज नहीं किया। नामांकन नहीं होने पर उन्होंने हंगामा कर दिया। आरोप है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के साथ ही प्राचार्य के चेहरे में स्याही फेंक दी। इसे लेकर देर रात तक हंगामा होता रहा और वहां अल्मोड़ा से भी फोर्स मंगा ली गई।
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राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा में छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन होने थे। नामांकन के लिए प्रात: 10 बजे से दोपहर एक बजे तक का समय तय था, लेकिन तय समय में एबीवीपी से जुड़े प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल नहीं हो सके। कालेज प्रशासन का कहना था कि एबीवीपी से जुड़े प्रत्याशी दोपहर एक बजकर तीन मिनट में नामांकन दाखिल कराने पहुंचे इसलिए नामांकन नहीं कराए जा सके। जबकि एबीवीपी से जुड़े प्रत्याशियों का कहना था कि वह समय से पहुंच गए थे, लेकिन कालेज प्रशासन की मिली भगत से उन्हें नामांकन से वंचित किया गया। नामांकन दाखिल नहीं होने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश छा गया। उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। आरोप है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य डा. पुष्पेश पांडे के चेहरे पर स्याही भी फेंक डाली। प्राचार्य ने इस संबंध में पुलिस में लिखित शिकायत भी दी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
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उधर एबीवीपी प्रत्याशियों के नामांकन नहीं होने पर कालेज प्रशासन ने एनएसयूआई से जुड़े प्रत्याशियों को विजयी घोषित कर दिया। इसके बाद इस मामले को लेकर एनएसयूआई और एबीवीपी आमने-सामने आ गए। जहां एबीवीपी कार्यकर्ता कालेज प्रशासन पर मिली भगत का आरोप लगा रहे थे वहीं एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य पर स्याही फेंकने वाले छात्रों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। तनाव को देखते हुए देर शाम अल्मोड़ा से सीओ आरएस टोलिया के नेतृत्व में काफी संख्या में फोर्स बुला ली गई। खबर लिखे जाने तक दोनों तरफ से प्रदर्शन चल रहा था। बताया गया है कि एबीवीपी और एनएसयूआई के समर्थन में कई स्थानीय भाजपा और कांग्रेस के नेतागण भी लमगड़ा पहुंच गए हैं।
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