उत्तराखंड: अल्मोड़ा के भिकियासैंण इलाके में आतंक मचाने वाला आदमखोर तेंदुआ ढेर
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अल्मोड़ा नगर पंचायत भिकियासैंण के पनपोला में नौरड़ नदी किनारे शिकारी अदनान ने आदमखोर तेंदुए को ढेर कर दिया। डीएफओ महातिम यादव ने बताया है कि बालिका को मारने वाला यही आदमखोर था। उसकी उम्र लगभग 13 साल थी और वह शारीरिक रूप से भी कमजोर हो चुका था। मृत तेंदुए के शव को मंगलवार देर शाम अल्मोड़ा में पोस्टमार्टम करने के बाद जलाकर नष्ट कर दिया गया।
बीते 19 सितंबर को शाम करीब छह बजे नगर पंचायत के वार्ड एक बाड़ीकोट की सात वर्षीय दिव्या पुत्री गिरीश सिंह अपने घर से कुछ दूर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी बीच तेंदुआ उसे उठा ले गया। उसके कुछ ही दिन बाद एक अन्य बालिका पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया था जो बाल-बाल बच गई। तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे भी लगाए गए लेकिन वह पिंजरे में नहीं फंसा।
बाद में लोगों की मांग पर वन विभाग ने उसे आदमखोर घोषित कर दिया। उसके बाद तेंदुए को मारने के लिए पांच शिकारी तैनात किए गए थे। शिकारी और वन विभाग की टीम करीब 15 दिनों से लगातार तेंदुए को सर्च कर रही थी। अन्य शिकारियों के साथ बीते चार दिन से प्रसिद्ध शिकारी लखपत सिंह भी यहां मोर्चा संभाले थे। कुछ दिन पहले एक शिकारी ने तेंदुए पर फायर झोंका पर निशाना सही नहीं लगने से वह भाग गया।
सोमवार रात लखपत सिंह और अली अदनान पनपोला में सर्च अभियान पर थे। तभी उन्हें तेंदुए की आहट सुनाई दी। जिस पर अली अदनान ने उस पर फायर झोंक दिया। रात में तेंदुए का कोई पता नहीं लगा। तलाशी के बाद मंगलवार की सुबह तेंदुआ मृत अवस्था में नौरड़ नदी किनारे झाड़ी के अंदर मिला। शिकारी टीम में लखपत सिंह, अली अदनान, अतीक अहमद,जहीर बख्शी, मंसूर अहमद, वन दरोगा चंद्रशेखर त्रिपाठी,हरीश मेर, बहादुर सिंह,जीवन सिंह आदि शामिल रहे। इधर डीएफओ महातिम सिंह यादव ने बताया कि मारा गया तेंदुआ बूढ़ा होने के साथ ही शारीरिक रूप से कमजोर था। उसका एक दांत टूटा था और एक पंजा भी घिस चुका था। जिससे वह आबादी क्षेत्र में घुसकर लोगों पर हमला करने लगा था।
वन विभाग के अधिकारियों का दावा आदमखोर तेंदुआ ही मारा गया
तेंदुए के मारे जाने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने स्तर से पड़ताल की। क्षेत्र के रेंज अधिकारी हरीश चंद्र टम्टा ने कहा है कि मारा गया तेंदुआ ही आदमखोर है। उन्होंने बताया कि मारे गए तेंदुए की उम्र करीब 13 साल है और यह नर है। उसकी लंबाई दो मीटर 10 सेमी थी। उन्होंने कहा कि जो पंजे और शरीर के अन्य निशान बाड़ीकोट में दिखाई दिए थे वही पनपोला में भी पाए गए हैं।
तेंदुआ मारे जाने से क्षेत्र में खुशी की लहर
आदमखोर तेंदुए के मारे जाने के बाद क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है और काफी संख्या में लोग मारे गए आदमखोर को देखने मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने मृत तेंदुए के साथ फोटो भी खिंचवाए। लोगों का कहना है कि आदमखोर के मारे जाने के बाद महिलाएं खेतों में निर्भय होकर काम करने जा सकेंगी।
कुछ दिन शूटर तैनात रखने की मांग
नगर पंचायत भिकियासैंण के गांधीनगर वार्ड के सभासद नरेंद्र सिंह बिष्ट ( बिट्टू ) ने उपजिलाधिकारी राहुल शाह को ज्ञापन सौंपकर बाड़ीकोट में पूर्व की तरह ही पिंजरा और शूटरों को तैनात रखने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सोमवार शाम तेंदुए पर फायरिंग होने के बाद भी बाड़ीकोट गांव में रात को तेंदुए की आहट सुनाई दी है जिससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों को आशंका है कि क्षेत्र में कोई और तेंदुआ भी सक्रिय हो सकता है।। संवाद
राष्ट्रीय निशानेबाज रह चुके हैं अदनान
नगर पंचायत भिकियासैंण में आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर तेंदुए को शूट करने वाले शिकारी अली अदनान राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में जूनियर और सीनियर वर्ग में चार पदक जीत चुके हैं। 14 वर्ष की उम्र से ही निशानेबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए 2007 में उत्तराखंड के शिकारी दल में शामिल हो गए थे, जिसका परमिट भी सरकार द्वारा उनको दिया गया है। 42 वर्षीय अदनान राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप के साथ ही बिजनौर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनका कृषि फार्मिंग का व्यवसाय है। उन्होंने 350 गज की दूरी से आदमखोर को ढेर किया है।