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Almora News: बैरक से मिले इलेक्ट्रानिक डिवाइस मामले की जांच के लिए बनाई कमेटी
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अल्मोड़ा। दो फरवरी को जिला कारागार में निरुद्ध सिद्ध दोष बंदी प्रवीण वाल्मिकी के बैरक से मिले इलेक्ट्रानिक डिवाइस के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जेल अधीक्षक की तहरीर पर दर्ज हुई प्राथमिकी की जांच जारी है। इसके साथ ही एसएसपी देवेंद्र पींचा ने सीओ अल्मोड़ा के नेतृत्व में एसओजी और आधा दर्जन पुलिस कर्मियों की टीम बनाई है। इसी टीम में दर्ज प्राथमिकी के विवेचक भी शामिल किए गए हैं।
दो फरवरी को जिला कारागार का सिद्धदोष बंदी प्रवीण वाल्मिकी निवासी नई बस्ती कोतवाली गंगनहर रुड़की, जिला-हरिद्वार गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की सुनवाई के लिए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट हरिद्वार में पेशी के लिए गया था। दोपहर बाद जेल पुलिस ने उसके बैरक की तलाशी ली तो उसमें चार्जर और केबल मिला। जब शौचालय की सीट तोड़ी तो उसके अंदर छुपा कर रखा गया स्मार्ट वॉच मिला था। इतना सामान जेल के अंदर कैसे पहुंचा यह भी सबसे बड़ा सवाल बनकर रह गया है। जेल अधीक्षक की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी की विवेचना जारी है। इसके साथ ही एसएसपी ने इस प्रकरण में सीओ अल्मोड़ा बलवंत सिंह रावत के साथ ही अल्मोड़ा कोतवाली और एसओजी टीम के साथ ही आधा दर्जन दरोगा और कांस्टेबल की विशेष जांच टीम बना दी है।
जांच के दायरे में आएंगे जेल गेट पर चेकिंग करने वाले कर्मी
जेल के अंदर कोई भी सामान या कैदी के जाने पर उसकी गहन तलाशी ली जाती है। झोले का एक-एक सामान निकालकर देखा जाता है। इसके बावजूद चार्जर, केबल और स्मार्ट वॉच के जेल के अंदर पहुंचने में जेल प्रशासन की लापरवाही भी दिख रही है। विशेष जांच टीम चेकिंग में तैनात जेल कर्मियों के भी बयान ले सकती है।
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प्रवीण वाल्मिकी से भी होगी पूछताछ
विशेष जांच टीम बंदी प्रवीण वाल्मिकी से भी पूछताछ करेगी। इसके अलावा कुछ जेल अफसरों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। छापा मारने के दौरान मौजूद उप कारापाल और अन्य जेल कर्मियों का भी बयान होगा।
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बंदी के हरिद्वार जाने पर ही तलाशी क्यों
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह इलेक्ट्रानिक डिवाइस बैरक में लंबे समय से रहा होगा। ऐसे में जेल प्रशासन तत्काल ही छापा मारकर यह बरामद कर सकता था। छापे के लिए आखिर वही दिन क्यों चुना गया जब वह बंदी बैरक में नहीं था। सवाल खड़ा होता है कि कहीं जेल पुलिस उस बैरक में जाने से बच तो नहीं रही थी।
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कोट...
यह गंभीर मामला है। प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना जारी है लेकिन अब इसमें विशेष जांच टीम बनाई गई है। सीओ अल्मोड़ा इसका नेतृत्व करेंगे। टीम में तेज दरोगा और कांस्टेबल के साथ ही एसओजी को शामिल किया गया है। इसी टीम में विवेचक को भी शामिल किया गया है। -देवेंद्र पींचा, एसएसपी अल्मोड़ा
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दो फरवरी को जिला कारागार का सिद्धदोष बंदी प्रवीण वाल्मिकी निवासी नई बस्ती कोतवाली गंगनहर रुड़की, जिला-हरिद्वार गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की सुनवाई के लिए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट हरिद्वार में पेशी के लिए गया था। दोपहर बाद जेल पुलिस ने उसके बैरक की तलाशी ली तो उसमें चार्जर और केबल मिला। जब शौचालय की सीट तोड़ी तो उसके अंदर छुपा कर रखा गया स्मार्ट वॉच मिला था। इतना सामान जेल के अंदर कैसे पहुंचा यह भी सबसे बड़ा सवाल बनकर रह गया है। जेल अधीक्षक की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी की विवेचना जारी है। इसके साथ ही एसएसपी ने इस प्रकरण में सीओ अल्मोड़ा बलवंत सिंह रावत के साथ ही अल्मोड़ा कोतवाली और एसओजी टीम के साथ ही आधा दर्जन दरोगा और कांस्टेबल की विशेष जांच टीम बना दी है।
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जांच के दायरे में आएंगे जेल गेट पर चेकिंग करने वाले कर्मी
जेल के अंदर कोई भी सामान या कैदी के जाने पर उसकी गहन तलाशी ली जाती है। झोले का एक-एक सामान निकालकर देखा जाता है। इसके बावजूद चार्जर, केबल और स्मार्ट वॉच के जेल के अंदर पहुंचने में जेल प्रशासन की लापरवाही भी दिख रही है। विशेष जांच टीम चेकिंग में तैनात जेल कर्मियों के भी बयान ले सकती है।
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प्रवीण वाल्मिकी से भी होगी पूछताछ
विशेष जांच टीम बंदी प्रवीण वाल्मिकी से भी पूछताछ करेगी। इसके अलावा कुछ जेल अफसरों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। छापा मारने के दौरान मौजूद उप कारापाल और अन्य जेल कर्मियों का भी बयान होगा।
बंदी के हरिद्वार जाने पर ही तलाशी क्यों
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह इलेक्ट्रानिक डिवाइस बैरक में लंबे समय से रहा होगा। ऐसे में जेल प्रशासन तत्काल ही छापा मारकर यह बरामद कर सकता था। छापे के लिए आखिर वही दिन क्यों चुना गया जब वह बंदी बैरक में नहीं था। सवाल खड़ा होता है कि कहीं जेल पुलिस उस बैरक में जाने से बच तो नहीं रही थी।
कोट...
यह गंभीर मामला है। प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना जारी है लेकिन अब इसमें विशेष जांच टीम बनाई गई है। सीओ अल्मोड़ा इसका नेतृत्व करेंगे। टीम में तेज दरोगा और कांस्टेबल के साथ ही एसओजी को शामिल किया गया है। इसी टीम में विवेचक को भी शामिल किया गया है। -देवेंद्र पींचा, एसएसपी अल्मोड़ा