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जंगली जानवरों से मिले निजात
Almora
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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मौलेखाल/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। कृषि मंत्रालय से आए अधिकारियों और विशेषज्ञों के एक दल ने सल्ट और भिकियासैंण ब्लाक में कृषि क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। कृषकों ने बंदर और सुअरों से निजात दिलाने की मांग की। कृषकों ने उपज बेचने के लिए मंडी ले जाने पर वन विभाग द्वारा शुल्क वसूले जाने की शिकायत की। राष्ट्रीय मौन पालन बोर्ड के निदेशक डा. सारस्वत ने उद्यान विभाग के अधिकारियों से कहा कि कृषकों को किसान कार्ड मुहैया कराएं और इसके आधार पर उनसे किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाए।
सल्ट ब्लाक सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, मौन पालन से संबंधित समस्याएं सुनी। कृषकों ने बताया कि मिर्च, अदरक, मडुवा, तेज पात, आंवला को बिक्री के लिए मंडी ले जाने के दौरान वन विभाग उनसे मोहान में शुल्क वसूलता है। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी डा. मनोज शर्मा ने जंगली जानवरों से नुकसान की समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। बैठक में कृषि मंत्रालय के वैज्ञानिक डा. मुकेश शर्मा, एसडीएम एनएस नबियाल, खंड विकास अधिकारी एनडी पंत, ब्लाक प्रमुख मुन्नी देवी, ग्राम प्रधान गोपाल सिंह रावत, महिपाल सिंह, इंद्र सिंह तड़ियाल, सागर सिंह रावत, दिनेश महरा, सुजीत चौधरी शामिल थे।
वहीं, भिकियासैंण में अधिकारियों और विशेषज्ञों के दल ने काश्तकारों की समस्याएं सुनी। बैठक में खंड विकास अधिकारी आरसी पंत, आरईएस के अधिशासी अभियंता बीएस नेगी, पीएल आर्या, जिला पंचायत सदस्य गंगा सिंह बिष्ट, रमेश कन्याल, भीम सिंह कुवार्बी, देव सिंह, पूरन मावड़ी, शेर सिंह, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष देव गिरि गोस्वामी मौजूद थे।
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प्रधानों ने चीड़ कटवाकर दूसरे पौधे लगाने की मांग की
मौलेखाल। ग्राम प्रधानों ने मनरेगा के अंतर्गत चीड़ के पेड़ कटवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चीड़ के जंगल से नुकसान हो रहा है। इससे पानी भी कम हो रहा है और जंगलों में आग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने इनकी जगह चौड़ी पत्ती वाले पौधे लगाने की मांग की।
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सल्ट ब्लाक सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, मौन पालन से संबंधित समस्याएं सुनी। कृषकों ने बताया कि मिर्च, अदरक, मडुवा, तेज पात, आंवला को बिक्री के लिए मंडी ले जाने के दौरान वन विभाग उनसे मोहान में शुल्क वसूलता है। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी डा. मनोज शर्मा ने जंगली जानवरों से नुकसान की समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। बैठक में कृषि मंत्रालय के वैज्ञानिक डा. मुकेश शर्मा, एसडीएम एनएस नबियाल, खंड विकास अधिकारी एनडी पंत, ब्लाक प्रमुख मुन्नी देवी, ग्राम प्रधान गोपाल सिंह रावत, महिपाल सिंह, इंद्र सिंह तड़ियाल, सागर सिंह रावत, दिनेश महरा, सुजीत चौधरी शामिल थे।
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वहीं, भिकियासैंण में अधिकारियों और विशेषज्ञों के दल ने काश्तकारों की समस्याएं सुनी। बैठक में खंड विकास अधिकारी आरसी पंत, आरईएस के अधिशासी अभियंता बीएस नेगी, पीएल आर्या, जिला पंचायत सदस्य गंगा सिंह बिष्ट, रमेश कन्याल, भीम सिंह कुवार्बी, देव सिंह, पूरन मावड़ी, शेर सिंह, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष देव गिरि गोस्वामी मौजूद थे।
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प्रधानों ने चीड़ कटवाकर दूसरे पौधे लगाने की मांग की
मौलेखाल। ग्राम प्रधानों ने मनरेगा के अंतर्गत चीड़ के पेड़ कटवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चीड़ के जंगल से नुकसान हो रहा है। इससे पानी भी कम हो रहा है और जंगलों में आग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने इनकी जगह चौड़ी पत्ती वाले पौधे लगाने की मांग की।