{"_id":"113-44668","slug":"Almora-44668-113","type":"story","status":"publish","title_hn":"धन खर्च करने में लापरवाही को गंभीरता से लेंगे: सीएस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धन खर्च करने में लापरवाही को गंभीरता से लेंगे: सीएस
Almora
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा द्वारा कल बुधवार को अल्मोड़ा में प्रस्तावित समीक्षा बैठक से पहले मंगलवार को मुख्य सचिव आलोक जैन ने अधिकारियों की बैठक करके विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने शासन से विकास कार्यों के लिए स्वीकृत धनराशि को समय से खर्च करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत धनराशि समय पर व्यय नहीं करने वाले अधिकारियों की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने बैजनाथ झील के सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाने, पिथौरागढ़ में बेस अस्पताल के निर्माण का विवाद सुलझाने को कहा। उन्होंने कहा कि कोसी नदी में बैराज का निर्माण शीघ्र शुरू हो जाएगा।
अल्मोड़ा सर्किट हाउस में अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत के जिलाधिकारियों की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने आम जनता के लिए अवस्थापना सुविधाओं में तेजी से विस्तार करने को कहा। उन्होंने खास तौर पर पेयजल व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान जल निगम की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अफसरों से मौके पर जाकर निर्माणाधीन योजनाओं की हालत देखने को कहा। उन्होंने चंडाक क्षेत्र को विकसित करने और नैनी सैनी हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग के निर्माण के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में पेयजल समस्या के समाधान के लिए कोसी में बैराज का निर्माण शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए धनराशि पहले ही मंजूर हो चुकी है। बैठक में शासन से पहुंचे विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों आदि के अलावा अल्मोड़ा के जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता, बागेश्वर के डीएम वी शणमुगम, पिथौरागढ़ के डीएम सीएमएस बिष्ट, चंपावत के जिलाधिकारी श्रीधर बाबू अद्दांकी, कुमाऊं मंडल विकास निगम के एमडी दीपक रावत, अपर आयुक्त एससी सेमवाल, अल्मोड़ा के सीडीओ सी रविशंकर, एडीएम प्रशांत आर्य सहित अनेक विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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पूर्णागिरि मंदिर पहाड़ी में सुधार कार्य केएमवीएन को सौंपा
अल्मोड़ा। मुख्य सचिव आलोक जैन ने चंपावत जिले के पूर्णागिरि मंदिर में पहाड़ी खिसकने को रोकने के लिए किए जा रहे कार्य को लोक निर्माण विभाग के बजाय कुमाऊं मंडल विकास निगम को सौंपने के निर्देश दिए हैं। अल्मोड़ा में हुई समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने यह निर्देश दिए।
अल्मोड़ा सर्किट हाउस में अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत के जिलाधिकारियों की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने आम जनता के लिए अवस्थापना सुविधाओं में तेजी से विस्तार करने को कहा। उन्होंने खास तौर पर पेयजल व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान जल निगम की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अफसरों से मौके पर जाकर निर्माणाधीन योजनाओं की हालत देखने को कहा। उन्होंने चंडाक क्षेत्र को विकसित करने और नैनी सैनी हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव ने टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग के निर्माण के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में पेयजल समस्या के समाधान के लिए कोसी में बैराज का निर्माण शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए धनराशि पहले ही मंजूर हो चुकी है। बैठक में शासन से पहुंचे विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों आदि के अलावा अल्मोड़ा के जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता, बागेश्वर के डीएम वी शणमुगम, पिथौरागढ़ के डीएम सीएमएस बिष्ट, चंपावत के जिलाधिकारी श्रीधर बाबू अद्दांकी, कुमाऊं मंडल विकास निगम के एमडी दीपक रावत, अपर आयुक्त एससी सेमवाल, अल्मोड़ा के सीडीओ सी रविशंकर, एडीएम प्रशांत आर्य सहित अनेक विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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पूर्णागिरि मंदिर पहाड़ी में सुधार कार्य केएमवीएन को सौंपा
अल्मोड़ा। मुख्य सचिव आलोक जैन ने चंपावत जिले के पूर्णागिरि मंदिर में पहाड़ी खिसकने को रोकने के लिए किए जा रहे कार्य को लोक निर्माण विभाग के बजाय कुमाऊं मंडल विकास निगम को सौंपने के निर्देश दिए हैं। अल्मोड़ा में हुई समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने यह निर्देश दिए।