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गरुड़ गंगा के नोडल अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
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अल्मोड़ा/सोमश्वर। शासन के निर्देश पर कोसी नदी की तर्ज पर बागेश्वर जिले की गरुड़ गंगा नदी के पुनर्जनन को अभियान चलाया जाना है। गरुड़ गंगा पुनर्जनन अभियान से जुड़े बागेश्वर जिले के नोडल अधिकारियों को हाईस्कूल पच्चीसी में प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद कोसी नदी में कांटली क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कराकर जानकारी दी गई।
जिले में कोसी नदी पुनर्जनन अभियान प्रगति पर है। इसके लिए कोसी नदी के कैचमेंच एरिया में विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण, चाल खाल, खंतियों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की अगुवाई में कुछ समय पूर्व कोसी नदी के कैचमेंट एरिया में पौधों का रोपण किया गया था। ताकि कोसी नदी का जल स्तर बढ़ाया जा सके। शासन के निर्देश पर कोसी की तर्ज पर गरुड़ गंगा नदी के पुनर्जनन को भी अभियान चलाया जाना है।
गरुड़ गंगा नदी के पुनर्जनन अभियान के लिए नौ जोन बनाए गए हैं, जिनमें नौ नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। सोमेश्वर तहसील के अंतर्गत हाईस्कूल पच्चीसी में बागेश्वर के नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
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प्रशिक्षण में एनआरडीएमएस केंद्र के प्रो. जेएस रावत ने बताया कि 1995 में कोसी नदी में पानी का बहाव 795 लीटर प्रति सेकेंड था, जो वर्ष 2018 में घटकर 48 लीटर प्रति सेकेंड रह गया है। कोसी मौसमी नदी बन कर रही है। जल स्तर बढ़ाने को कोसी नदी पुनर्जनन अभियान प्रगति पर है। कोसी की तर्ज पर ही गरुड़ गंगा नदी का पुनर्जनन अभियान चलाया जाना है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने कोसी नदी पुनर्जनन अभियान के बारे में बताया। इसके बाद नोडल अधिकारियों को कोसी नदी के कांटली में मुख्यमंत्री की अगुवाई में किए गए पौधरोपण प्रक्षेत्र का स्थलीय भ्रमण भी कराया गया।
जिले में कोसी नदी पुनर्जनन अभियान प्रगति पर है। इसके लिए कोसी नदी के कैचमेंच एरिया में विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण, चाल खाल, खंतियों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की अगुवाई में कुछ समय पूर्व कोसी नदी के कैचमेंट एरिया में पौधों का रोपण किया गया था। ताकि कोसी नदी का जल स्तर बढ़ाया जा सके। शासन के निर्देश पर कोसी की तर्ज पर गरुड़ गंगा नदी के पुनर्जनन को भी अभियान चलाया जाना है।
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गरुड़ गंगा नदी के पुनर्जनन अभियान के लिए नौ जोन बनाए गए हैं, जिनमें नौ नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। सोमेश्वर तहसील के अंतर्गत हाईस्कूल पच्चीसी में बागेश्वर के नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
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प्रशिक्षण में एनआरडीएमएस केंद्र के प्रो. जेएस रावत ने बताया कि 1995 में कोसी नदी में पानी का बहाव 795 लीटर प्रति सेकेंड था, जो वर्ष 2018 में घटकर 48 लीटर प्रति सेकेंड रह गया है। कोसी मौसमी नदी बन कर रही है। जल स्तर बढ़ाने को कोसी नदी पुनर्जनन अभियान प्रगति पर है। कोसी की तर्ज पर ही गरुड़ गंगा नदी का पुनर्जनन अभियान चलाया जाना है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने कोसी नदी पुनर्जनन अभियान के बारे में बताया। इसके बाद नोडल अधिकारियों को कोसी नदी के कांटली में मुख्यमंत्री की अगुवाई में किए गए पौधरोपण प्रक्षेत्र का स्थलीय भ्रमण भी कराया गया।