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ईको हट्स के लिए 1.99 करोड़ अवमुक्त
Updated Sun, 14 Jan 2018 10:13 PM IST
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अल्मोड़ा। शासन से समय पर बजट जारी नहीं होने का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। साथ ही जनता को भी समय से लाभ नहीं मिल पाता है। 3.91 करोड़ रुपये की लागत से धौलादेवी ब्लॉक के प्रसिद्ध झांकरसैम मंदिर के समीप पिछले दो साल से ईको हट्स और बहुउद्देश्यीय सभागार का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। दो साल में मात्र 94.57 लाख रुपये ही मिले। जिससे कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। अब इस कार्य के लिए शासन से दूसरी किश्त के रूप में 1.99 करोड़ रुपये पर्यटन विभाग को जारी हो गए हैं, जिससे कार्य के शीघ्र पूरा होने की उम्मीद बनी है।
प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर समूह से कुछ दूरी पर झांकरसैम मंदिर स्थित है। मान्यता है कि जागेश्वर मंदिर समूहों की स्थापना के समय ही झांकरसैम मंदिे का भी निर्माण हुआ था। जागेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालु झांकरसैम मंदिर भी (भगवान शंकर के स्वरूप) जाते हैं। इसके अलावा माघ, सावन, बैशाख में विभिन्न ग्रामीण इलाकों से यहां देव डांगरों की जात्राएं पहुंचती हैं। मंदिर कमेटी ने स्वयं के संसाधनों से यहां दो कक्षों का निर्माण किया है पर भक्तों की संख्या को देखते हुए यह कक्ष नाकाफी हैं।
केंद्र सरकार से मंदिर परिसर से लगी भूमि में नौ इको हट्स, बहुउद्देश्यीय सभागार बनाने के लिए के 3.91 करोड़ रुपये मंजूर थे। करीब दो साल पहले इस पर काम शुरू हुआ। पर्यटन विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को यह कार्य सौंपा गया। पहली किश्त के रूप में 94.57 लाख रुपये मिले, लेकिन बजट के अभाव में अब तक यह कार्य अधूरा है। झांकरसैम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष देवीदत्त पांडे का कहना है कि ईको हट्स के निर्माण में देरी से इसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। पर्यटन विभाग को जल्द यह कार्य पूरा करना चाहिए।
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प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर समूह से कुछ दूरी पर झांकरसैम मंदिर स्थित है। मान्यता है कि जागेश्वर मंदिर समूहों की स्थापना के समय ही झांकरसैम मंदिे का भी निर्माण हुआ था। जागेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालु झांकरसैम मंदिर भी (भगवान शंकर के स्वरूप) जाते हैं। इसके अलावा माघ, सावन, बैशाख में विभिन्न ग्रामीण इलाकों से यहां देव डांगरों की जात्राएं पहुंचती हैं। मंदिर कमेटी ने स्वयं के संसाधनों से यहां दो कक्षों का निर्माण किया है पर भक्तों की संख्या को देखते हुए यह कक्ष नाकाफी हैं।
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केंद्र सरकार से मंदिर परिसर से लगी भूमि में नौ इको हट्स, बहुउद्देश्यीय सभागार बनाने के लिए के 3.91 करोड़ रुपये मंजूर थे। करीब दो साल पहले इस पर काम शुरू हुआ। पर्यटन विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को यह कार्य सौंपा गया। पहली किश्त के रूप में 94.57 लाख रुपये मिले, लेकिन बजट के अभाव में अब तक यह कार्य अधूरा है। झांकरसैम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष देवीदत्त पांडे का कहना है कि ईको हट्स के निर्माण में देरी से इसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। पर्यटन विभाग को जल्द यह कार्य पूरा करना चाहिए।
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