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प्रधानों का ब्लॉक मुख्यालय कार्यालय में प्रदर्शन
Updated Thu, 28 Sep 2017 10:32 PM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। 14वें वित्त की राशि में कटौती करने समेत तीन सूत्री मांगों को लेकर क्षेत्र के प्रधानों ने बृहस्पतिवार को मौलेखाल ब्लॉक मुख्यालय कार्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन देकर मांगें शीघ्र पूरी करने की मांग की।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने 14वें वित्त की राशि में कटौती कर दी है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर व्यापक असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के 17 सालों बाद भी राज्य का अपना पंचायती राज एक्ट लागू नहीं हो सका है। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि एक से 15 अक्तूबर तक स्वच्छता पखवाड़े के तहत होने वाली बैठकों का बहिष्कार किया जाएगा।
ब्लॉक मुख्यालय में प्रदर्शन करने वालों में प्रधान संगठन के अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत, आनंद सिंह रावत, धीरेंद्र सिंह कड़ाकोटी, मोहन सिंह, सुभाष सिंह, राजपाल सिंह, उमेश चंद्र, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, इंद्र सिंह, भरत सिंह, लीला देवी, शांति देवी, सुरेंद्र सिंह, मोहन सिंह रावत, प्रेम चंद्र, कुंदन सिंह आदि शामिल थे। बाद में प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी खीमानंद बुढलाकोटी को ज्ञापन देकर मांगें शीघ्र पूरी करने की मांग की।
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इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने 14वें वित्त की राशि में कटौती कर दी है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर व्यापक असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के 17 सालों बाद भी राज्य का अपना पंचायती राज एक्ट लागू नहीं हो सका है। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि एक से 15 अक्तूबर तक स्वच्छता पखवाड़े के तहत होने वाली बैठकों का बहिष्कार किया जाएगा।
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ब्लॉक मुख्यालय में प्रदर्शन करने वालों में प्रधान संगठन के अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत, आनंद सिंह रावत, धीरेंद्र सिंह कड़ाकोटी, मोहन सिंह, सुभाष सिंह, राजपाल सिंह, उमेश चंद्र, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, इंद्र सिंह, भरत सिंह, लीला देवी, शांति देवी, सुरेंद्र सिंह, मोहन सिंह रावत, प्रेम चंद्र, कुंदन सिंह आदि शामिल थे। बाद में प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी खीमानंद बुढलाकोटी को ज्ञापन देकर मांगें शीघ्र पूरी करने की मांग की।
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