{"_id":"5c87f18fbdec22146c22334f","slug":"81552413071-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाया
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय खीड़ा में आयोजित विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम में वुमैन नेटवर्क की स्टेट चेयर पर्सन मीना शर्मा ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाते हुए सजग रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर की व्यक्तिगत समस्या को अपनी मां अथवा अध्यापिका के साथ साझा करें ताकि उसका शीघ्र निदान हो सके।
इससे पहले उन्होंने अभिभावकों खास तौर से महिलाओं से अपने बच्चों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि 2012 में पॉक्सो एक्ट बनने के बावजूद बाल यौन शोषण की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं जो बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा इन स्थितियों में शिक्षिकाओं के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है, उन्हें बच्चियों के साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक करना है। इस मौके पर स्कूल की प्रधानाध्यापिका आशा वर्मा और शांति अटवाल आदि ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय खीड़ा में आयोजित विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम में वुमैन नेटवर्क की स्टेट चेयर पर्सन मीना शर्मा ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाते हुए सजग रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर की व्यक्तिगत समस्या को अपनी मां अथवा अध्यापिका के साथ साझा करें ताकि उसका शीघ्र निदान हो सके।
इससे पहले उन्होंने अभिभावकों खास तौर से महिलाओं से अपने बच्चों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि 2012 में पॉक्सो एक्ट बनने के बावजूद बाल यौन शोषण की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं जो बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा इन स्थितियों में शिक्षिकाओं के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है, उन्हें बच्चियों के साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक करना है। इस मौके पर स्कूल की प्रधानाध्यापिका आशा वर्मा और शांति अटवाल आदि ने भी विचार रखे।
विज्ञापन