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गुलार-करगेत पेयजल योजना का पाइप फटा
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना का पाइप फटने से दो दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप रही। ठंड के मौसम में लोगों को दो से तीन किमी दूर से पानी ढोना पड़ा। जल संस्थान के कर्मचारी योजना के मरम्मत कार्य में लगे हैं।
सल्ट की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना का पाइप झिमार के पास शनिवार को फट गया। इस कारण मौलेखाल, जालीखान, कपड़ाढैया, तहसील, शशिखाल, सकरखोला, घचकोट, पोखरी, वैला, देवायल, करगेत, मुनड़ा, जसपुर, बांगीधार, देवीथाल, रणथंमल, नौकुचिया समेत दो दर्जन से अधिक गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप रही। लोगों ने दो से तीन किमी दूर स्थित जल स्रोत और हैंडपंपों से पानी ढोया। इस कारण उनका पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो गया।
हैंडपंपों और जल स्रोंतों में सुबह से ही पानी के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बावजूद लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिला। ठंड के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौलेखाल के व्यवसायी महेंद्र राणा ने कहा कि यदि जलापूर्ति शीघ्र सुचारू नहीं की गई तो लोगों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
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सल्ट की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना का पाइप झिमार के पास शनिवार को फट गया। इस कारण मौलेखाल, जालीखान, कपड़ाढैया, तहसील, शशिखाल, सकरखोला, घचकोट, पोखरी, वैला, देवायल, करगेत, मुनड़ा, जसपुर, बांगीधार, देवीथाल, रणथंमल, नौकुचिया समेत दो दर्जन से अधिक गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप रही। लोगों ने दो से तीन किमी दूर स्थित जल स्रोत और हैंडपंपों से पानी ढोया। इस कारण उनका पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो गया।
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हैंडपंपों और जल स्रोंतों में सुबह से ही पानी के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बावजूद लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिला। ठंड के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौलेखाल के व्यवसायी महेंद्र राणा ने कहा कि यदि जलापूर्ति शीघ्र सुचारू नहीं की गई तो लोगों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
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