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एलबी शास्त्री उमावि नागाड़ में दो शिक्षकों की नियुक्ति मे पाई गई गड़बड़ी
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:13 AM IST
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लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नागाड़ में दो शिक्षकों को गलत तरीके से नियुक्ति दिए जाने का खुलासा हुआ है। एसडीएम ने नियुक्ति प्रक्रिया को संदेहास्पद बताते हुए दोनों की नियुक्ति को निरस्त करने और नई नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी करने की संस्तुति की है। डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में एसडीएम ने कहा है कि विद्यालय में तैनात एक शिक्षक ने अपने बेटे और दूसरे से अपनी पत्नी को गलत तरीके से नियुक्ति दिलवाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह मनराल की ओर से सूचना के अधिकार के तहत उक्त शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता का खुलासा हुआ है। मामले की जांच के बाद एसडीएम रजा अब्बास की ओर से डीएम को भेजी गई छह पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक अध्यापक का पति और दूसरे का पिता उक्त विद्यालय में पूर्व से कार्यरत हैं। जिन्होंने अपने बेटे और पत्नी को नौकरी दिलवाने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से चयन समिति को प्रभावित कि या। रिपोर्ट में प्रबंधक, पूर्व प्रबंधक, पूर्व प्रधानाचार्य, आरोपी शिक्षकों आदि के बयानों और दस्तावेजों का हवाला भी दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो शिक्षकों की नियुक्ति में विज्ञप्ति निकालने से नियुक्ति दिए जाने तक कई अनियमितताएं पाई गई हैं।
एसडीएम की ओर से डीएम को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि त्रुटिपूर्ण और संदेहास्पद नियुक्ति प्रक्रिया के दृष्टिगत दोनों शिक्षकों की चयन प्रक्रिया को निरस्त करते हुए विद्यालय में रिक्त पदों के सापेक्ष अध्यापकों की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति निकाली जाए और प्राप्त आवेदन पत्रों से पात्रता के आधार पर सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। रिपोर्ट में एक पूर्व प्रबंधक की भूमिका पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए उसे भविष्य में प्रबंध समिति में किसी पद पर निर्वाचित न करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देशित करने की बात भी कही गई है।
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सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह मनराल की ओर से सूचना के अधिकार के तहत उक्त शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता का खुलासा हुआ है। मामले की जांच के बाद एसडीएम रजा अब्बास की ओर से डीएम को भेजी गई छह पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक अध्यापक का पति और दूसरे का पिता उक्त विद्यालय में पूर्व से कार्यरत हैं। जिन्होंने अपने बेटे और पत्नी को नौकरी दिलवाने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से चयन समिति को प्रभावित कि या। रिपोर्ट में प्रबंधक, पूर्व प्रबंधक, पूर्व प्रधानाचार्य, आरोपी शिक्षकों आदि के बयानों और दस्तावेजों का हवाला भी दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो शिक्षकों की नियुक्ति में विज्ञप्ति निकालने से नियुक्ति दिए जाने तक कई अनियमितताएं पाई गई हैं।
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एसडीएम की ओर से डीएम को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि त्रुटिपूर्ण और संदेहास्पद नियुक्ति प्रक्रिया के दृष्टिगत दोनों शिक्षकों की चयन प्रक्रिया को निरस्त करते हुए विद्यालय में रिक्त पदों के सापेक्ष अध्यापकों की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति निकाली जाए और प्राप्त आवेदन पत्रों से पात्रता के आधार पर सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। रिपोर्ट में एक पूर्व प्रबंधक की भूमिका पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए उसे भविष्य में प्रबंध समिति में किसी पद पर निर्वाचित न करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देशित करने की बात भी कही गई है।
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