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मुंहपका, खुरपका रोग से दर्जनों पशु बीमार, दो भैंसों की मौत
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अल्मोड़ा। भनोली तहसील के अंतर्गत कई गांवों में मुंहपका, खुरपका रोग फैलने से दर्जनों पशु बीमार हैं। पशुओं के मुंह से झाग निकल रहा है। बीमार पशु चल भी नहीं पा रहे हैं। बीमारी के कारण गुरुड़ाबाज में दो दुधारू भैंसों की मौत हो गई है।
भनोली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत धार, छनटाना, थली, कलौटा, रीठाकोट, खौड़ी, थली, गुरुड़ाबांज, दुनाड़ आदि गांवों में मुंहपका, खुरपका रोग फैलने से दर्जनों पशु बीमार हैं। गांवों में पशुओं में रोग तेजी से फैल रहा है। इस कारण कई गांवों में दर्जनों गायें, भैंस, बैल, बकरी आदि पालतू पशु बीमार पड़े हैं। धार ग्राम सभा के पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बीमारी के कारण गुरुड़ाबाज में दो भैंसों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्रभावित पशुपालक को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि उपचार कराने के बाद भी बीमार पशुओं की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश ग्रामीण गाय, भैंस आदि का दुध बेचकर आजीविका चलाते है। बीमारी के कारण पशु दूध भी नहीं दे रहे हैं। इस कारण पशुपालक काफी परेशान हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों में पशु चिकित्सकों की टीम भेजने की मांग की है। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है।
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कोट : पशुओं में फैले रोग के सैंपल लेकर इसे जांच के लिए आरबीआई मुक्तेश्वर भेजा गया है, अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रभावित गांवों में टीम भेजी गई थी। कुछ गांवों में स्थिति नियंत्रण में है। - डॉ. रवींद्र चंद्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग।
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भनोली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत धार, छनटाना, थली, कलौटा, रीठाकोट, खौड़ी, थली, गुरुड़ाबांज, दुनाड़ आदि गांवों में मुंहपका, खुरपका रोग फैलने से दर्जनों पशु बीमार हैं। गांवों में पशुओं में रोग तेजी से फैल रहा है। इस कारण कई गांवों में दर्जनों गायें, भैंस, बैल, बकरी आदि पालतू पशु बीमार पड़े हैं। धार ग्राम सभा के पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बीमारी के कारण गुरुड़ाबाज में दो भैंसों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्रभावित पशुपालक को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि उपचार कराने के बाद भी बीमार पशुओं की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश ग्रामीण गाय, भैंस आदि का दुध बेचकर आजीविका चलाते है। बीमारी के कारण पशु दूध भी नहीं दे रहे हैं। इस कारण पशुपालक काफी परेशान हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों में पशु चिकित्सकों की टीम भेजने की मांग की है। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है।
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कोट : पशुओं में फैले रोग के सैंपल लेकर इसे जांच के लिए आरबीआई मुक्तेश्वर भेजा गया है, अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रभावित गांवों में टीम भेजी गई थी। कुछ गांवों में स्थिति नियंत्रण में है। - डॉ. रवींद्र चंद्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग।