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लंबी कवायद के बाद नगर पालिका अल्मोड़ा के विस्तार पर लगी मुहर
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:34 PM IST
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अल्मोड़ा। आखिरकार लंबी कवायद के बाद अल्मोड़ा नगरपालिका परिषद के विस्तार पर शासन की मुहर लग गई है। ग्राम सभा दुगालखोला समेत नगर से लगी 13 ग्राम सभाओं की लगभग पांच हजार की आबादी को पालिका परिषद में शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी गई। ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण नगर से लगे खत्याड़ी समेत कई इलाकों को नगरपालिका में शामिल नहीं किया गया है।
नगर विकास सचिव के हस्ताक्षरों से जारी अधिसूचना के मुताबिक दुगालखोला ग्राम सभा का लगभग पूरा क्षेत्र पालिका में शामिल कर लिया गया है। दुगालखोला को छोड़कर विभिन्न ग्राम सभाओं के छोटे-छोटे हिस्से इसमें शामिल किए गए हैं। यह भी बता दें कि शुरू में नगर से लगी 23 ग्राम सभाओं के कुछ क्षेत्रों को पालिका में शामिल करना प्रस्तावित किया गया था। इसके बाद संबंधित 23 ग्राम सभाओं के लोगों ने संयुक्त रूप से आंदोलन प्रारंभ कर दिया था। बीते दिनों इसे लेकर नगर में कई बार प्रदर्शन भी हो चुके हैं। लोगों के विरोध के बाद अल्मोड़ा के विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा था कि लोगों की इच्छा के बगैर पालिका में शामिल नहीं किया जाएगा। बताया गया है कि इसी कारण नगर से लगे खत्याड़ी, शैल, गोलनाकरडिय़ा, सिकुड़ा आदि इलाकों को पालिका में शामिल नहीं किया गया।
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नगर विकास सचिव के हस्ताक्षरों से जारी अधिसूचना के मुताबिक दुगालखोला ग्राम सभा का लगभग पूरा क्षेत्र पालिका में शामिल कर लिया गया है। दुगालखोला को छोड़कर विभिन्न ग्राम सभाओं के छोटे-छोटे हिस्से इसमें शामिल किए गए हैं। यह भी बता दें कि शुरू में नगर से लगी 23 ग्राम सभाओं के कुछ क्षेत्रों को पालिका में शामिल करना प्रस्तावित किया गया था। इसके बाद संबंधित 23 ग्राम सभाओं के लोगों ने संयुक्त रूप से आंदोलन प्रारंभ कर दिया था। बीते दिनों इसे लेकर नगर में कई बार प्रदर्शन भी हो चुके हैं। लोगों के विरोध के बाद अल्मोड़ा के विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा था कि लोगों की इच्छा के बगैर पालिका में शामिल नहीं किया जाएगा। बताया गया है कि इसी कारण नगर से लगे खत्याड़ी, शैल, गोलनाकरडिय़ा, सिकुड़ा आदि इलाकों को पालिका में शामिल नहीं किया गया।
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