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हम कहां जा रहे हैं नुक्कड़-नाटक का मंचन
Updated Sat, 24 Jun 2017 04:35 PM IST
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बच्चों में तर्क-वितर्क की क्षमता विकसित करनी होगी : रावल
‘हम कहां जा रहे हैं’ नुक्कड़-नाटक का मंचन
जीजीआईसी अल्मोड़ा में समर कैंप जारी
अल्मोड़ा। बाल प्रहरी और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से जीजीआईसी अल्मोड़ा में आयोजित समर कैंप में चौथे दिन अवंतिका भंडारी के निर्देशन में वैशाली पंत द्वारा लिखित ‘हम कहां जा रहे हैं’ नुक्कड़-नाटक का मंचन किया गया। इस मौके पर स्व. डा. शंकर लाल साह की 19वीं पुण्य तिथि पर बच्चे और विज्ञान विषय पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता गोविंद बल्लभ पर्यावरण संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. डीएस रावल ने कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के वर्तमान दौर में बच्चों का ज्ञान बढ़ रहा है। कुछ चैनल बच्चों के लिए अवैज्ञानिक और अतार्किक सामग्री परोस रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बाल मन में तर्क-वितर्क करने की क्षमता पैदा करना आज के समय की मांग है। अल्मोड़ा अर्बन कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन आनंद सिंह बगड़वाल ने कहा कि कार्यशाला में आकर बच्चों को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है। बच्चों में प्रतिभा होती है उन्हें अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। राजकीय ग्रामीण पॉलीटेक्निक ताकुला के प्रधानाचार्य ओंकार नाथ कोष्ठा ने कहा कि स्कूल और कालेजों में रुचिपूर्ण ढंग से विज्ञान शिक्षण के लिए पाठ्य पुस्तकें तैयार की जा रही हैं।
इस मौके पर बाल प्रहरी के उदय किरौला, आशा भट्ट, कपिल नयाल, अनिल पुनेठा ने विचार रखे। संचालन नीरज पंत ने किया। बच्चों ने नुक्कड़-नाटक, झोड़ा, समूह गीत, लोकनृत्य का अभ्यास किया। राजकीय शिक्षक संघ के प्रवेश जोशी ने बच्चों की हस्तलिखित पुस्तक और पत्रिका तैयार कराई। इस अवसर पर उमेश जोशी, जगदीश पाठक, ज्योति लटवाल, मंजू पुनेठा, प्रमोद तिवारी आदि मौजूद थे।
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‘हम कहां जा रहे हैं’ नुक्कड़-नाटक का मंचन
जीजीआईसी अल्मोड़ा में समर कैंप जारी
अल्मोड़ा। बाल प्रहरी और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से जीजीआईसी अल्मोड़ा में आयोजित समर कैंप में चौथे दिन अवंतिका भंडारी के निर्देशन में वैशाली पंत द्वारा लिखित ‘हम कहां जा रहे हैं’ नुक्कड़-नाटक का मंचन किया गया। इस मौके पर स्व. डा. शंकर लाल साह की 19वीं पुण्य तिथि पर बच्चे और विज्ञान विषय पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता गोविंद बल्लभ पर्यावरण संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. डीएस रावल ने कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के वर्तमान दौर में बच्चों का ज्ञान बढ़ रहा है। कुछ चैनल बच्चों के लिए अवैज्ञानिक और अतार्किक सामग्री परोस रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बाल मन में तर्क-वितर्क करने की क्षमता पैदा करना आज के समय की मांग है। अल्मोड़ा अर्बन कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन आनंद सिंह बगड़वाल ने कहा कि कार्यशाला में आकर बच्चों को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है। बच्चों में प्रतिभा होती है उन्हें अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। राजकीय ग्रामीण पॉलीटेक्निक ताकुला के प्रधानाचार्य ओंकार नाथ कोष्ठा ने कहा कि स्कूल और कालेजों में रुचिपूर्ण ढंग से विज्ञान शिक्षण के लिए पाठ्य पुस्तकें तैयार की जा रही हैं।
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इस मौके पर बाल प्रहरी के उदय किरौला, आशा भट्ट, कपिल नयाल, अनिल पुनेठा ने विचार रखे। संचालन नीरज पंत ने किया। बच्चों ने नुक्कड़-नाटक, झोड़ा, समूह गीत, लोकनृत्य का अभ्यास किया। राजकीय शिक्षक संघ के प्रवेश जोशी ने बच्चों की हस्तलिखित पुस्तक और पत्रिका तैयार कराई। इस अवसर पर उमेश जोशी, जगदीश पाठक, ज्योति लटवाल, मंजू पुनेठा, प्रमोद तिवारी आदि मौजूद थे।
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